आईआईएम के निर्माण के लिए डीपीआर बनाने का काम जल्द पूरा कर कर लिया जाएगा। अपना कैंपस न होने के बावजूद आईआईएम की क्लासेस चल रही हैं। तीन साल बाद आईआईएम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपना कैंपस मिल जाएगा। यह कैंपस अति आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। आईआईएम के विद्यार्थियों के लिए इस कैंपस में एक बड़ा खेल मैदान भी बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार ने आईआईएम के पहले चरण के निर्माण के लिए 350 करोड़ की राशि जारी कर दी है। जब पहले चरण का निर्माण पूरा हो जाएगा तब केंद्र दूसरे चरण के लिए 250 करोड़ की राशि जारी कर देगा। मंत्री ने निर्माणधीन कैंपस के मॉडल को भी देखा। इस दौरान उनके साथ आईआईएम अमृतसर के निर्देशक संजय गुप्ता भी थे।
इस अवसर पर पंजाब के मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। आईआईएम का यह केंद्र पंजाब के विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला ने मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित सर्व धर्म अध्ययन केंद्र यूनिवर्सिटी श्री गुरु नानक देव जी यूनिवर्सिटी में स्थापित की जानी चाहिए।
75 करोड़ खर्च कर खरीदी थी 60 एकड़ भूमि : जोशी
पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने कहा कि आईआईएम का नाम श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर रखा जाए जहां बनने वाले बड़े ब्लॉक का नाम श्री अरुण जेटली के नाम रखा जाए। अरुण जेटली ने ही गुरुनगरी को आईआईएम देने का वादा किया था।
उन्होंने दावा किया कि जब वह स्थानीय निकाय मंत्री थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आग्रह पर नगर सुधार ट्रस्ट अमृतसर और पुडा से 75 करोड़ की राशि देकर 60 एकड़ भूमि खरीदी थी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट तीन साल की अवधि में बन कर तैयार हो जाने की संभावना है।