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अमृतसर ट्रेन हादसाः मृतकों के परिजनों को नहीं मिला मुआवजा, विरोध प्रदर्शन किया...59 की गई थी जान

Mon, 24 Dec 2018 09:29 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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प्रदर्शन करते मृतकों के परिजन
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दशहरे के दिन अमृतसर के जौड़ा फाटक के पास रेल हादसा हुआ था। हादसे में 59 लोगों ने जान गंवाई थी। रविवार सुबह लोगों का गुस्सा एक बार फिर फूटा। मृतकों ने परिजनों ने जौड़ा फाटक पर ट्रैक के पास खड़े होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दरअसल, मृतकों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर घोषित 2 लाख की राशि अभी तक नहीं मिली। इसी को लेकर लोगों ने रेल मंत्री पीयूष गोयल के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट के बावजूद जौड़ा फाटक के दोनों गेटमैन अमन सिंह और निर्मल सिंह के साथ दशहरा आयोजक कांग्रेस पार्षद के बेटे मिट्ठू मदान सहित दशहरा कमेटी के सभी सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई न किए जाने पर भी रोष जताया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि सरकार ने रेल हादसे के दोषियों पर कार्रवाई न की तो पांच दिन बाद जौड़ा फाटक से गुजरने वाली ट्रेनें रोकी जाएंगी।

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फाइल फोटो
प्रदर्शन में पहुंचे सुरेश कुमार ने कहा कि वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक हादसे के दोषियों को सजा नहीं मिल जाती। रेल हादसे के दोषी अमन सिंह, निर्मल सिंह और मिट्ठू मदान खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस अभी तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि रेल हादसे में मारे गए सभी लोग गरीब थे।

इसलिए सरकार सत्ता में बैठे लोगों को बचा रही है। यदि अगले पांच दिन में इंसाफ न मिला तो रेल गाड़ियों को रोका जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस हादसे में 100 से अधिक लोग मरे थे। सरकार मारे गए लोगों की संख्या कम बता रही है।

सिद्धू ने किसी भी बच्चे को गोद नहीं लिया : मन्ना

कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव मनदीप सिंह मन्ना ने आरोप लगाया कि मंत्री नवजोत सिद्धू ने रेल हादसे के परिवारों को गोद लेने के बड़े-बड़े दावे किए थे। गरीब परिवारों के बच्चों की जान की कीमत पांच लाख लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा था कि 28 दिनों में जांच पूरी कर दोषियों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा, लेकिन दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिद्धू ने किसी भी पीड़ित परिवार के बच्चे को गोद नहीं लिया।
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