प्रदर्शन में पहुंचे सुरेश कुमार ने कहा कि वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक हादसे के दोषियों को सजा नहीं मिल जाती। रेल हादसे के दोषी अमन सिंह, निर्मल सिंह और मिट्ठू मदान खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस अभी तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि रेल हादसे में मारे गए सभी लोग गरीब थे।
इसलिए सरकार सत्ता में बैठे लोगों को बचा रही है। यदि अगले पांच दिन में इंसाफ न मिला तो रेल गाड़ियों को रोका जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस हादसे में 100 से अधिक लोग मरे थे। सरकार मारे गए लोगों की संख्या कम बता रही है।
सिद्धू ने किसी भी बच्चे को गोद नहीं लिया : मन्ना
कांग्रेस पार्टी के पूर्व महासचिव मनदीप सिंह मन्ना ने आरोप लगाया कि मंत्री नवजोत सिद्धू ने रेल हादसे के परिवारों को गोद लेने के बड़े-बड़े दावे किए थे। गरीब परिवारों के बच्चों की जान की कीमत पांच लाख लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा था कि 28 दिनों में जांच पूरी कर दोषियों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा, लेकिन दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिद्धू ने किसी भी पीड़ित परिवार के बच्चे को गोद नहीं लिया।