kader khan
- फोटो : ट्विटर
वो बोले, मैं उनका बेटा हूं..शहनवाज खान। जैसे पिता ठीक वैसा बेटा। यह कहना है फिल्म प्रोड्यूसर दर्शन औलख का। उन्होंने कहा कि मैं कभी कादर खान से तो नहीं मिला। हां, उनको उनके डायलॉग के माध्यम से ही पहचानता हूं। मेरा फेवरेट डायलाग है ‘दीनानाथ चौहान....नाम है मेरा से लेकर हम जहां खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है..।
जिंदादिल इंसान थे कादर खान : लाली गिल
चंडीगढ़ के प्रोड्यूसर लाली गिल ने कहा कि कादर खान एक जिंदादिल इंसान थे। वह एक मंझे हुए अभिनेता तो थे ही साथ में उनके लिखे डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कादर खान का डायलॉग ‘जिंदगी तो खुदा की रहमत है, जो नहीं समझा उसकी जिंदगी पे लानत’ मेरा फेवरेट है। उनके जाने से बॉलीवुड को काफी सदमा लगा है।