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Chandigarh: व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग एंड इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम शुरू, 3300 गाड़ियां हर सेकेंड हो रहीं ट्रैक

Sat, 07 Oct 2023 05:39 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सेक्टर-18 के कंट्रोल रूम में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है, जिसमें चंडीगढ़ समेत देश के किसी भी हिस्से में चल रही गाड़ी को लाइव देखा जा रहा है। गाड़ी की हिस्ट्री को ट्रैक किया जा सकता है। कोई वाहन ओवरस्पीडिंग करती है तो स्क्रीन पर मैसेज फ्लैश हो जाता है। एसटीए की योजना है कि चंडीगढ़ में चल रही इन गाड़ियों का दफ्तर में बैठे-बैठे ही चालान भी किया जाए।
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अलर्ट - फोटो : सांकेतिक
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विस्तार
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चंडीगढ़ सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग एंड इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम शुरु कर दिया गया है। यहां बने कंट्रोल रूम से हर सेकेंड करीब 3300 गाड़ियों को ट्रैक किया जा रहा है। इसमें बस-टैक्सी, कैब, एंबुलेंस शामिल हैं। 

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एसटीए के पास सारी जानकारी पहुंच रही है कि गाड़ी किस रफ्तार से चल रही है। देश के किसी भी हिस्से में मौजूद गाड़ी के गलत मोड़ने से लेकर तेज ब्रेक दबाने, इंजन स्टेट्स भी चंडीगढ़ में बैठे देखा जा सकता है।

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सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के सुरक्षित यातायात को बढ़ावा देने के लिए निर्भया फंड के तहत केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश अनुसार ही यह व्यवस्था शुरू की गई है। निर्भया फंड से इसे तैयार किया गया है। परियोजना के अंतर्गत एसटीए में पंजीकृत सभी सार्वजनिक बसें, टैक्सी-कैब, स्कूल-कॉलेज की बसें, सभी प्रकार के इंस्टीट्यूट के वाहन, कॉरपोरेट ऑफिस के टैक्सी, नेशनल परमिट के ट्रक आदि में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य है। 

अब डिवाइस के लगने के बाद ही गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन, परमिट, रिनुअल, फिटनेस आदि के सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं। डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 से जोड़ा गया है। जब भी पैनिक बटन किसी भी व्यक्ति द्वारा दबाया जाता है तो सेटेलाइट के माध्यम से 112 पर एक सिग्नल प्राप्त होता है और संकट में जुड़े व्यक्ति को रिस्पांस मिलता है। इससे महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर पाएंगी। अगर किसी चालक ने डिवाइस से छेड़छाड़ करने की कोशिश की तो एसटीए में इसका भी अलर्ट पहुंच रहा है।

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पैनिक बटन दबते ही कंट्रोल रूम में बजने लगता है सायरन
किसी भी गाड़ी में कोई सवारी पैनिक बटन को दबाता है तो अलर्ट का मैसेज एसटीए कंट्रोल रूम के साथ पुलिस कंट्रोल रूम में भी जा रहा है। पैनिक बटन दबते ही एसटीए और पुलिस के सिस्टम में सायरन बजने लगता है और तब तक बजता रहता है, जब तक उसे अटेंड नहीं किया जाता। इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज लाल रंग में नजर आने लगता है। एसटीए भी पुलिस को अलर्ट करती है। अलर्ट के साथ ही गाड़ी का नंबर, समय आदि की जानकारी भी आ जाती है। पुलिस द्वारा चालक को संपर्क किया जाता है और कारण पूछा जाता है। कंट्रोल रूम के कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल ज्यादातर पैनिक बटन लोग उत्सुकता और गलती से दबा रहे हैं।

नियम तोड़े तो दफ्तर में बैठे-बैठे ही एमवीआई काट सकेंगे चालान
सेक्टर-18 के कंट्रोल रूम में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है, जिसमें चंडीगढ़ समेत देश के किसी भी हिस्से में चल रही गाड़ी को लाइव देखा जा रहा है। गाड़ी की हिस्ट्री को ट्रैक किया जा सकता है। कोई वाहन ओवरस्पीडिंग करती है तो स्क्रीन पर मैसेज फ्लैश हो जाता है। ऐसे में एसटीए की योजना है कि चंडीगढ़ में चल रही इन गाड़ियों का दफ्तर में बैठे-बैठे ही चालान भी किया जाए, क्योंकि सिस्टम पर यह भी साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी किस रफ्तार पर दौड़ रही है।

इन वाहनों को ट्रैक कर रहा कंट्रोल सेंटर
1. बस
2. एंबुलेंस
3. कैश वैन
4. स्कूल बस
5. गुड्स कैरियर
6. मैक्सी कैब
7. मोटर कैब
8. ओमनी बस

हर सेकेंड एसटीए पहुंच रहीं ये जानकारियां
1. गाड़ी का रफ्तार
2. लोकेशन/लाइव ट्रैकिंग
3. इंजन स्टेट्स
4. गलत तरीके से मोड़ना
5. गलत तरीके से ब्रेक मारना
6. वीएलटीडी से छेड़छाड़
7. नेटवर्क स्ट्रेंथ/ऑपरेटर नाम
8. बैटरी प्रतिशत
9. लास्ट लोकेशन
10. हिस्ट्री ट्रैकिंग
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