बारिश होने से सब्जियों की पैदावार बढ़ी है। हालांकि रेट पिछले महीने के मुकाबले में कम हुए हैं, लेकिन अभी भी सब्जियों के भाव सामान्य से ज्यादा हैं। सब्जियों के रेट सस्ते होने में अभी एक महीने का समय और लगेगा। इस समय पहाड़ी के साथ कुछ लोकल सब्जियां भी आनी शुरू हो गई हैं।
एक महीने पहले जब सब्जियों के रेट महंगे हो गए थे, तब कहा जा रहा था कि बारिश न होने के कारण सब्जियां कम आ रही हैं। प्रशासन की ओर से सब्जियों के भाव पर नजर रखने का कोई सिस्टम नहीं है। सबसे ज्यादा बिकने वाले टमाटर में 10 रुपये किलो की गिरावट आई है। टमाटर का रेट 30 रुपये किलो हो गया है। मटर के रेट में 20 रुपये की गिरावट आई है।
सेक्टर-26 मंडी के बिट्टू वेजिटेबल विक्रेता के संचालक प्रवीण कुमार का कहना है कि इस समय अधिकतर सब्जियां पहाड़ से आ रही हैं। रेट में गिरावट आई है, लेकिन सस्ती सब्जियों के लिए अभी एक माह और इंतजार करना पड़ेगा। जबकि लोकल सब्जियां भी आनी शुरू हो गई हैं। स्माल वेजिटेबल सेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष देसराज का कहना है कि बारिश होने पर पहाड़ी सब्जी की पैदावार बढ़ गई, लेकिन अगले माह पैदावार और बढ़ जाएगी।
कहां-कहां से आ रही है सब्जियां
शिमला मिर्च, फ्रांसबिन, खीरा, बंदगोभी, मूली और मटर इस समय पहाड़ से आ रहे हैं, जबकि कद्दू, बैंगन, चकूंदर, लोकी, तोरी लोकल आ रही है।
इस समय यह है रेट
सब्जियां पिछले माह के रेट------रविवार के रेट
अदरक 100 120
मूली 40 30
शिमला मिर्च 80 40
अरबी 60 40
बैगन 30 30
बंदगोभी 16 से 20 20
फ्रांसबिन 80 40
चकूंदर 40 40
भिंडी 40 30
धनिया 100 100
गाजर 20 30
लोकी 60 40 से 50
करेला 30 30
खीरा 40 30
लहसुन 40 40
मिर्च 40 40
कद्दू 30 30
तोरी 60 40
मटर 100 80
नींबू 50 50
पालक 20 20
फूल गोभी 60 60
आलू पहाड़ी 30 26