बृजमोहन ने बताया कि चंडीगढ़ में अगले 24 से 48 घंटों में टमाटर के दाम कम होने की उम्मीद है, क्योंकि पंजाब और हिमाचल से आपूर्ति बंद होने के बाद अब बंगलूरू की मंडी से तीन ट्रक टमाटर मंगवाया गया है, जो जल्द ही चंडीगढ़ पहुंच जाएगा। इसके बाद कीमतें 160 से 180 रुपये प्रति किलो तक आने की उम्मीद है।
प्रशासन की मनमानी से कीमतें बढ़ीं
बृजमोहन ने कहा कि प्रशासन की मनमानी के कारण जनता को महंगाई झेलनी पड़ रही है। सब्जी मंडी में माल की सुरक्षा के लिए प्रशासन से शेड न हटाने का आग्रह किया गया था लेकिन ठीक बरसात के दौरान नोटिस जारी कर दिया गया। आढ़तियों ने माल खराब होने के डर से कम माल मंगवाना शुरू कर दिया। इससे मंडी में माल नहीं बचा और टमाटर और अन्य सब्जियों की कीमतें बढ़ गईं।
पांच दिन पहले और वर्तमान खुदरा रेट
| सब्जी |
पांच दिन पहले |
गुरुवार की कीमतें |
| टमाटर |
200 रुपये |
350 रुपये किलो |
| अदरक |
180 रुपये |
250 रुपये किलो |
| गोभी |
50 रुपये |
200 रुपये किलो |
| मटर |
50-60 रुपये |
80 से 90 रुपये |
टमाटर की जगह आम और इमली का कर सकते हैं इस्तेमाल
जब तक टमाटर की कीमतें कम नहीं होतीं तब तक अन्य विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। जीएमएसएच-16 की आहार विशेषज्ञ डॉ. मनीषा अरोड़ा का कहना है कि सब्जी और दाल में खट्टेपन के लिए कच्चा आम या इमली डाल सकते हैं। इसके लिए पकी इमली की कुछ बेलियां सब्जी बनाने से पहले पानी में डुबो दें। इसके बाद उसे मसल कर उसका पल्प निकाल लें और जरूरत के हिसाब से सब्जी या दाल में डाल लें। ठीक ऐसे ही आम की केरी को उबाल लें, छिलका हटाकर उसका पल्प भी सब्जी और अन्य व्यंजनों में खट्टापन लाने के लिए डाल सकते हैं। इसके अलावा नींबू, आंवला, आमचूर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
पंजाब में कहां कितने में टमाटर (प्रति किलो)
- शहर थोक खुदरा
- अमृतसर- 100 160
- लुधियाना 170 200
- जलालाबाद 150 190