नगर के टिंबर और ब्लैंकेट विक्रेताओं की समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वैट को लेकर उनका पंजाब और हरियाणा के विक्रेताओं से कड़ा कंपटीशन है।
एक ओर टिंबर मार्केट जूझ रही है 12.5 वैट से तो, वहीं दूसरी ओर ब्लैंकेट विक्रेताओं का कंपटीशन है जीरो वैट के मुकाबले पांच फीसदी वैट से।
वैट के मुद्दे पर इन विक्रेताओं ने दो माह पहले चंडीगढ़ प्रशासक के दरबार में अर्जी दी थी और उनको उम्मीद थी कि मार्च के पहले सप्ताह में उनकी सुनवाई होगी पर अब उनकी यह उम्मीदें भी खत्म हो गई हैं।
टिंबर मर्चेंट एंड सा मिल ऑनर्स एसोसिएशन सेक्टर-26 के अध्यक्ष उमेश सूद ने कहा कि टिंबर मार्केट से करीब दस हजार से ज्यादा लोग जुड़े हैं।
चंडीगढ़ में वैट को कम करने की मांग काफी समय से की जा रही है। चंडीगढ़ से पंचकूला दो किलो की दूरी पर है। ऐसे में पंचकूला से उनके व्यापार को कड़ी टक्कर मिल रही है।
उन्होंने कहा कि पहले कहा गया कि पंजाब में जो टैक्स होगा वह चंडीगढ़ में लागू होगा। पंजाब में वैट बदल गया, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। चंडीगढ़ से पंजाब और हिमाचल के संग हरियाणा में सारा बिल्डिंग मैटेरियल जाता था।
अब वैट की वजह से यहां से माल जाना खत्म हो चुका है। उधर, होलसेल क्लाथ एसोसिएशन के महासचिव सुधीर जैन ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में टैक्स जीरो फीसदी है, जबकि चंडीगढ़ में यह पांच फीसदी है। ऐसी स्थिति में उनका बिजनेस ठप है।