फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वसंत पंचमी आज, विद्या की देवी की होगी पूजा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। वसंत पंचमी शनिवार को है। इस अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा होगी। कई जगह पंडाल सजाए गए हैं। बहलाना, हल्लोमाजरा, रामदरबार, रायपुर खुर्द, मलोया सहित कई भागों में पूजा का आयोजन होगा। पूजा कमेटियों ने सभी तैयारियां कर ली हैं। बहलाना के सद्गुरु कबीर सत्संग भवन में संघर्ष विकास सभा की ओर से पूजा का आयोजन हो रहा है।
विज्ञापन

सभा के प्रधान राजेश चौधरी ने बताया कि पहले खुले में पूजा की तैयारी थी, लेकिन मौसम के बदले मिजाज ने स्थान बदलने पर मजबूर कर दिया। गांव के सत्संग भवन में पूजा होगी। पूजा के उपरांत भव्य आरती होगी। हल्लोमाजरा में सरस्वती पूजा समिति की ओर से पूजा का आयोजन होगा।
सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर में होगा विद्यारंभ
सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन नन्हे बच्चों का विद्यारंभ करवाया जाता है। यह शास्त्रीय विधान है। कई बच्चों को विद्यारंभ करवाया जाना है। मंदिर में 24 घंटे का हरिनाम संकीर्तन (अष्टयाम) का आयोजन होगा।
विज्ञापन

बेहतर योग बन रहे हैं वसंत पंचमी पर
देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि वसंत पंचमी पर सिद्धि योग एवं रवि योग बन रहे हैं। उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का योग भी है। चंद्रमा मीन राशि में होंगे। चंडीगढ़ की मीन राशि है। मीन का स्वामी बृहस्पति है। वह देवताओं के गुरु हैं, इसलिए पूजा एवं विद्या आरंभ के लिए यह दिन बहुत ही श्रेष्ठ है। उन्होंने बताया कि वसंत पंचमी को ही मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस माना जाता है। भगवती सरस्वती विद्या, बुद्धि, ज्ञान, संगीत एवं वाणी की अधिष्ठात्री देवी हैं।
पूजा के बाद मां सरस्वती की उतारें आरती
देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि इस दिन मां सरस्वती के पूजन के साथ पुस्तकों एवं संगीत वाद्य यंत्रों की पूजा भी की जाती है। यह दिन अपने आप में सिद्ध मुहूर्त कहलाता है। विद्यारंभ, गृहप्रवेश, विवाह, भूमि पूजन, वाहन खरीदना, विद्या प्रारंभ करना, मुंडन, यज्ञोपवीत संस्कार आदि के लिए यह दिन बहुत अच्छा होता है। सरस्वती माता की आरती उतारें एवं स्तोत्रों का पाठ करें। सरस्वती माता को कलम एवं कॉपियां समर्पित करें।
पूजन एवं विद्यारंभ का मुहूर्त
आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि पांच जनवरी को पंचमी तिथि सुबह 3.48 मिनट पर प्रारंभ होगी। यह छह जनवरी को सुबह 3.48 मिनट तक रहेगी। पूजन एवं विद्यारंभ का मुहूर्त सुबह 6.05 मिनट से सुबह 8.59 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सुबह 10.30 मिनट से दोपहर 12.37 मिनट तक भी अभिजीत मुहूर्त पूजा एवं विद्यारंभ के लिए प्रशस्त रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें