मणिपुर में हिंसक झड़पों और महिलाओं के साथ क्रूर व्यवहार के विरोध में वाल्मीकि और ईसाई समुदाय ने बुधवार को पंजाब बंद का आह्वान किया है। नगर निगम की तमाम सफाई यूनियनों व नेताओं ने बंद का समर्थन किया है। वाल्मीकि संगठनों ने दुकानदारों से दुकानें बंद रखने का आग्रह किया। वाल्मीकि सभा के चेयरमैन राजकुमार राजू, राजेश भट्टी, क्रांति सेना के प्रमुख गोरा व संदीप खोसला ने समर्थकों के साथ बाजार में जाकर लोगों से अपील की है कि वे बंद में सहयोग करें। वहीं, मंगलवार को पुलिस ने जनता को सुरक्षित होने का एहसास करवाने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला है।
डीसीपी जगमोहन सिंह ने बताया कि बंद की कॉल देने वाले समूह संगठनों को शांतिपूर्ण बंद करवाने को कहा गया है। बाजारों में जरूरी घरेलू सामान और दवाई व दूध की दुकानों को छूट दी गई है। वहीं, सरकारी स्कूल रोजाना की तरह खुले रहेंगे। सरकार ने देर रात पत्र जारी कर यह कहा है कि सरकारी स्कूल बंद नहीं होंगे। कुछ निजी स्कूलों को बंद रखने की बात कही जा रही है लेकिन इसे लेकर कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है।
अमृतसर में पुलिस का फ्लैग मार्च
पंजाब में ईसाई और वाल्मीकि समुदाय के नौ अगस्त को पंजाब बंद के एलान के बाद अमृतसर में पुलिस ने पूरे शहर में फ्लैग मार्च निकाला। ऐसा पंजाब बंद के मद्देनजर किया जा रहा है लेकिन पुलिस इसे गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा प्रबंध बता रही है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस लाइन परमिंदर सिंह भडाल के अनुसार सुरक्षा के मद्देनजर शहर को तीन जोन में बांटा गया है। हर जोन का इंचार्ज एडीसीपी रैंक का अधिकारी होगा। मंगलवार को आईपीएस अधिकारी और एडीसीपी सिटी वन डॉक्टर महताब सिंह, एडीसीपी सिटी 2 प्रभजोत सिंह विर्क और एडीसीपी सिटी 3 अभिमन्यु राणा ने अपने-अपने अंतर्गत आने वाले पुलिस थानों के पुलिसकर्मी, चौकी इंचार्ज, एसएचओ और सभी एसीपी को साथ लेकर फ्लैग मार्च निकाला। उधर, ईसाई और वाल्मीकि संगठनों के प्रतिनिधियों ने वाल्मीकि नेता ओम प्रकाश अनार्य की अगुवाई में अमृतसर के डीसी अमित तलवाड़ को ज्ञापन भी सौंपा।