चंडीगढ़। यूटी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) की महिला खिलाड़ी शिवानी ठाकुर को बीसीसीआई ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही घर वापसी का टिकट थमा दिया। चंडीगढ़ की महिला टीम जयपुर में सीनियर टूर्नामेंट खेलने के लिए गई हुई है। चंडीगढ़ की महिला टीम का पहला मैच गोवा के साथ 12 मार्च (शुक्रवार) को होना है। इससे पहले ही यह मामला सामने आ गया।
चंडीगढ़ महिला टीम की बल्लेबाज शिवानी ठाकुर बिना बोनाफाइड (विद्यार्थियों के कालेज/ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले प्रमाण पत्र) सर्टिफिकेट जमा किए बिना ही टीम में शामिल कर ली गई थी। इस वजह से महिला खिलाड़ी को अनिवार्य कागज पूरे नहीं होने पर घर वापस भेज दिया गया। हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने वाली शिवानी ने चंडीगढ़ से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली थी, लेकिन इसके बाद उसे आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ के किसी विश्वविद्यालय व कॉलेज में दाखिला नहीं मिला। ऐसे में उन्होंने पुराने कॉलेज का बोनाफाइड सर्टिफिकेट लगाकर टीम में अपनी दावेदारी पेश की।
यह है बीसीसीआई के नियम
बीसीसीआई के नियम के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी अपना राज्य बदलना चाहता है तो उसे संबंधित राज्य से एनओसी लेनी होती है या फिर जिस राज्य से वह खेलना चाहता है, उसका दाखिला उस राज्य के किसी भी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में होना जरूरी है।
टीम के प्रमुख कोच दो दिन पहले पाए गए हैं कोरोना संक्रमित
दो दिन पहले ही महिला टीम के प्रमुख कोच नागेश गुप्ता कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है। उनका स्थान गए सहायक कोच को अब टीम की जिम्मेदारी दी गई है। पहले प्रमुख कोच और अब शिवानी की वापसी के बाद टीम को शुरुआत में ही दोहरी मार लग गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
शिवानी ने स्नातक की पढ़ाई कर ली थी। उसका यूटीसीए से रजिस्ट्रेशन होने की वजह से टीम में चयन किया गया था। वहीं दो दिन पहले बीसीसीआई ने नियमों में परिवर्तन कर दिया। इस वजह से उसे बीच टूर्नामेंट से वापस आना पड़ा। -मंजीत सिंह, ऑपरेशन मैनेजर, यूटीसीए