बार-बार चिट्ठी के बाद भी पंजाब और हरियाणा अपने अधिकारी चंडीगढ़ नहीं भेज रहे हैं। कई बार तो अयोग्य अधिकारियों का पैनल ही भेज दिया जाता है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा सरकार द्वारा एसएसपी का भेजा गया पैनल है। पैनल में जिन अधिकारियों का नाम था वह सभी प्रमोटी थे। जिस कारण हरियाणा से दोबारा पैनल मांगा गया है। पिछले दो महीने में 10 अधिकारी यूटी से ट्रांसफर हो चुके हैं। बदले में सिर्फ 2 ही अधिकारी मिले हैं।
अफसरों की संख्या कम होने पर दूसरे विभागों पर बोझ लादा जा रहा है। एक-एक अधिकारी 6-6 विभाग संभाल रहा है। पब्लिक डीलिंग वाले अधिकारी सबसे अधिक दुखी हैं। अधिकारियों का अधिकतर समय लोगों से मिलने में ही निकल जाता है। जिस कारण वह फाइलें देख ही नहीं पाते। अधिकारियों की किल्लत झेल रहे यूटी प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा की बेरुखी से तंग आकर यूटी कैडर के अधिकारी बुलाने का मन बना लिया है।
अधिकारी इसके लिए जल्द ही एमएचए को चिट्ठी लिखेंगे। खासकर पीएसएस और एचसीएस अधिकारियों की अधिक किल्लत है। दो साल पहले यूटी प्रशासन में 10 पीसीएस और 10 एचसीएस अधिकारी होते थे। लेकिन अब दोनों मिलाकर 8 भी नहीं हैं। जो काम पहले पीसीएस और एचसीएस देखते थे अब वह आईएएस अधिकारी देख रहे हैं।
किस दफ्तर में मिलेंगे पता नहीं
पीसीएस अमित तलवार के पास इस समय सबसे अधिक विभाग हैं। एडीसी के साथ वह ज्वाइंट सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट, सीटीयू डायरेक्टर, आरएलए और कई अन्य विभाग देख रहे हैं। पहले ये विभाग दो अधिकारी देखते थे। सभी विभाग पब्लिक डीलिंग वाले हैं। मिलने वाले लोग उनका एडीसी ऑफिस, आरएलए और सीटीयू डायरेक्टर कार्यालय में इंतजार करते रहते हैं।
जब लोग एडीसी ऑफिस पहुंचते हैं तो पता चलता है वह आरएलए या सीटीयू कार्यालय पहुंच गए।
आईएएस जितेंद्र यादव डायरेक्टर हायर एजुकेशन, टूरिज्म, कल्चरल अफेयर्स, हॉस्पिटेलिटी, सेक्रेटरी हाउस अलॉटमेंट कमेटी (लोअर) का चार्ज देख रहे हैं। आईएएस कविता सिंह के तमिलनाडु चुनाव ड्यूटी पर होने के कारण यादव एमडी सिटको का चार्ज भी संभाल रहे हैं।
इन अधिकारियों का हुआ आना-जाना
ट्रांसफर होने वाले आईएएस अधिकारियों में विजय देव, विक्रम देव दत्त, कशिश मित्तल, दानिश अशरफ और भूपेश चौधरी का नाम शामिल है। आईएएस प्रिंस धवन का भी असम में ट्रांसफर हो चुका है। लेकिन उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। डॉ. अदप्पा कार्तिक भी स्टडी के लिए लंबी अवधि तक बाहर रहेंगे। एचसीएस सरिता मलिक 15 मई को रिलीव हो जाएंगी। इन सब अधिकारियों के बदले प्रशासन को सिर्फ नए एडवाइजर परिमल राय और पर्सोनल सेक्रेटरी केके जिंदल ही मिले हैं।