पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (पीसीए) और चंडीगढ़ पुलिस विभाग के बीच एक मामले में कागज दिखाने को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करने की जिम्मेदारी एडवाइजर मनोज परिदा को दी गई है। यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने एडवाइजर मनोज परिदा को कहा है कि वह दोनों के बीच चल रहे विवाद को खत्म करें। साथ ही यह भी पुख्ता करें कि पीसीए के काम में कोई अड़चन ना आए।
एडवाइजर ने भी इसकी पुष्टि की है। सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना, चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा समेत आठ लोगों की ओर से सेक्टर-21 के डॉ. मोहित धवन से धोखाधड़ी के मामले में पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस से केस के कागजात मांगे थे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने देने से इनकार कर दिया था।
बुधवार को यूटी सचिवालय में हुई बैठक के दौरान प्रशासन ने इस बारे में एडवाइजर से बात की और उन्हें निर्देश दिए। 21 जनवरी को इस मामले में पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस विभाग को काफी फटकार लगाई थी। आदेशों की अवहेलना करने पर पीसीए ने नाराज होकर चंडीगढ़ के प्रशासक को भी पत्र लिखकर शिकायत की थी।
फिलहाल, पीसीए में इस केस की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होनी है, लेकिन इससे पहले अब एडवाइजर मनोज परिदा इस विवाद को खत्म करने की पहल करेंगे।