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उम्मीदें 2019: एडवाइजर परिदा का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़ बनेगा स्मार्ट, 750 करोड़ के टेंडर जारी

Tue, 01 Jan 2019 11:19 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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यूटी एडवाइजर मनोज परिदा
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एडवाइजर मनोज परिदा ने चंडीगढ़ को सुंदर बनाने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्यों की जमीनी हकीकत परखी और बड़ा एक्शन लिया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि बेहतर कार्यों के लिए नए सिरे से एजेंसियों को हायर किया जाए। स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कार्यों को समय से पूरा किया जा सके, इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार की जाए।
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एडवाइजर ने सेक्टर-17 के स्मार्ट सिटी ऑफिस में मीटिंग के दौरान पांच विभिन्न परियोजनाओं के टेंडर निकलवा दिए, जिनकी कीमत 750 करोड़ रखी गई है। इसमें प्रमुख रूप से शहर में 24 घंटे पेयजल सप्लाई, वेस्ट वाटर मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, अर्बन रेट्रोफिट एंड री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, मोबिलिटी एंड सोशल सेक्टर वर्क्स, एनर्जी रिफोर्स एंड पैन सिटी आईसीटी प्रोजेक्ट शामिल हैं।

बैठक में प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा, सीईओ सीएससीएल केके यादव, डीसी मनदीप सिंह बराड़ समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर खर्च होंगे 199 करोड़

बैठक में कई नए प्रोजेक्टों को भी मंजूरी दी गई। इसमें इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का प्रोजेक्ट प्रमुख रहा। इस प्रोजेक्ट में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, सर्विलांस कैमरा एवं ई-गवर्नेंस इत्यादि प्रोजेक्ट शामिल हैं। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इन प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी, जिन पर 199 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। इन प्रोजेक्ट के जरिए शहर के लोगों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया जाएगा। शहर में कुल 943 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो प्रमुख रूप से गवर्नमेंट स्कूल, हास्पिटल, कम्यूनिटी सेंटर और 288 लोकेशन पर वॉटर वर्क्स और ट्यूबवेलों पर लगेंगे।

फिक्सड और पीटीजेड कैमरों के जरिए सर्विलांस की जाएगी। इसी तरह ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 40 विभिन्न ट्रैफिक लाइटों और मेजर जक्शंन पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचानने के लिए 747 हाई रेज्योलूशन कैमरे लगाए जाएंगे और अडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) के द्वारा ट्रैफिक लाइटों की मानीटरिंग की जाएगी। अगर कोई ट्रैफिक वायलेशन करेगा तो उसका आटोमेटिक ई-चालान जेनरेट हो जाएगा। नागरिकों की सुविधा के लिए ई-पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। शहर से बाहर जाने वाले एग्जिट व एंट्री प्वाइंट्स पर 20 कैमरों की मदद से नजर रखी जाएगी।

6 करोड़ की लागत से बनेंगे टायलेट
शहर के सेक्टर 17, 22, 35 और 43 में पब्लिक टायलेट ब्लॉक नए सिरे से तैयार किए जा रहे हैं। इस पर 6 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इनमें बैंक एटीएम, वॉटर एटीएम, बे-शाप्स, पावर सप्लाई के लिए रूफ टॉप सोलर प्लांट लगेगा। पुरुषों और महिलाओं के साथ दिव्यांगों के लिए भी अलग सुविधा होगी। ये पब्लिक टायलेट ब्लॉक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर तैयार किए जाएंगे।

गंदगी से लोगों को मिलेगी राहत

डड्डूमाजरा में डंपिंग ग्राउंड को बीओटी बेसिस पर 40 करोड़ रुपये की लागत से साफ कराया जाएगा। यहां लैंड को रिकवर किया जाएगा। डड्डूमाजरा के लोगों को फिलहाल डंपिंग ग्राउंड की वजह से खूब दिक्कतें पेश आ रही हैं। गंदगी की वजह से इलाके के लोगों को जबरदस्त बदबू सहनी पड़ती है।

बीमारियां होने का अलग खतरा रहता है। इस वेस्ट को उठाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट दिखाई गई। लेटेस्ट बायोमाइनिंग मेथड से इस प्रोजेक्ट में 16 एकड़ मैटेरियल वेस्ट दो साल के दौरान प्रोसेस किया जाएगा। एडवाइजर परिदा ने हिदायत दी कि प्रोजेक्ट को आगे इस तरह बढ़ाया जाए ताकि लोगों को न तो एयर व डस्ट पॉल्यूशन और न ही नॉयज पॉल्यूशन सहन करना पड़े।

जानवरों से मिलेगी लोगों को निजात
बोर्ड ने मरे जानवरों को दबाने के लिए प्रीलिमनरी डिजाइन रिपोर्ट का भी खाका पेश किया। डड्डूमाजरा में 5 करोड़ रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। बोर्ड ने इसे भी मंजूरी दे दी। चेयरमैन ने बताया कि 10 बड़े व 30 छोटे जानवरों को फिलहाल शहर में बड़े ही इनसेनिटरी वे में दबाया जाता है जिससे बदबू पैदा होती है।

कुत्ते इन दबे जानवरों को निकाल लेते हैं। इस प्लांट में मरे जानवरों को पीएनजी और एलपीजी की मदद से जलाया जाएगा। सेक्टर 21 की मार्केट को भी हाइजीनिक बनाया जाएगा। सीईओ ने एडवाइजर को बताया कि इस मार्केट का रोजाना पैदा होने वाला डेढ़ टन वेस्ट भी इसी मैकेनिज्म से डिस्पोज आफ किया जाएगा।
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रीसाइकिल सिस्टम को किया जाएगा विकसित

रीसाइकिल वॉटर नेटवर्क की बाबत स्काडा सिस्टम के संदर्भ में भी एडवाइजर को बताया गया। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की जानकारी दी गई। सीईओ केके यादव ने बताया कि टर्शरी ट्रीटेड वॉटर की बाबत रेजिडेंट्स की बहुत शिकायतें मिलती हैं कि इसमें से बहुत बदबू आती है।

कई मर्तबा टर्शरी वाटर की प्रॉपर सप्लाई को लेकर भी लोग शिकायत करते हैं, जिससे लॉन और पौधों की सिंचाई नहीं हो पाती। टर्शरी वाटर की क्वालिटी और प्रॉपर सप्लाई के लिए अंडरग्राउंड स्टोरेज रिजर्व वायर्ज में सेंसर लगाए जा रहे हैं। टर्शरी वाटर मेन लाइन पर भी सेंसर लगाए जाएंगे। प्रेशर, लो, क्लोरीन इत्यादि की जांच के लिए 21 प्वाइंट्स पर रिमोट टर्मिनल यूनिट लगेंगे। सेक्टर 28 एके पंप हाउस में कंट्रोल रूम होगा जहां से सारी मानीटरिंग होगी।

साइकिल शेयरिंग को मिलेगा बढ़ावा
पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम के तहत 5 हजार बाइक और 617 डाकिंग लोकेशन के लिए पीपीपी मोड पर 20 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। मनीमाजरा में 24 घंटे और सातों दिन पानी सप्लाई के लिए 140 करोड़ की लागत से टेंडर निकाल दिए गए। 511 करोड़ की लागत से वर्तमान सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के अपग्रेडेशन और एक नए एसटीपी का टेंडर जारी किया गया। यह डिजाइन, बिल्ट एंड आपरेट बेसिस पर होगा।
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