पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रशासक ने शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई में चलाए जा रहे टेली-मेडिसिन की कार्यप्रणाली को लेकर संतुष्टि जताई। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन के जरिए रोजाना करीब 900 केसों को देखा जा रहा है। प्रशासक ने डॉक्टरों को नॉन कोविड मरीजों पर भी खास तौर पर ध्यान रखने के निर्देश दिए।
प्रशासक ने कहा कि शहर में मानसून का प्रवेश होने वाला है। ऐसे में अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए भी अधिकारियों को काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी, डेंगू आदि बीमारियों को दूर रहने के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में किसी तरह की ढील नहीं बरती जानी चाहिए। ब्लड बैंक में खून की कमी न हो, इसके लिए रोजाना ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाए जाने चाहिए। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
शहर में कोरोना के गंभीर व कम गंभीर मरीजों को रखने के लिए 3000 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शहर में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, पीपीई किट की कोई कमी नहीं है। दवाइयों का स्टॉक भी भरपूर है। इसके अलावा केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार रोजाना टेस्टिंग की जा रही है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि सेक्टर-38 और सेक्टर-52 से कंटेनमेंट जोन को हटा लिया गया है। अब तक 3,15,398 लोगों ने आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड किया है और शुक्रवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में जरूरतमंदों को 50900 खाने के पैकेट बांटे गए हैं।