चंडीगढ़ में अब चाय, छोले भटूरे और तंदूरी रोटी बनाने वालों को अपनी जगह से नहीं हटना पड़ेगा। नगर निगम के एजेंडे पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को मुहर लगा दी। अब इन वेंडरों को उनके पहले वाले स्थान पर ही बैठने दिया जाएगा। नगर निगम ने बीते साल दिसंबर में वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया था।
इस दौरान चाय वाले जो कि अब पराठा बेचने लगे हैं, छोले भटूरे वाले और तंदूर वालों के सामने बड़ी समस्या आ गई क्योंकि इन्हें वेंडरों की सूची में नहीं रखा गया था। वहीं चाय वालों ने भी कहा कि अब पराठा कैसे बेचेंगे। जनवरी माह की सदन बैठक में भी यह मुद्दा जोरशोर से उठा था। उसके बाद टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में इन वेंडरों को एसेंशियल सर्विस प्रोवाइडर (ईएसपी) वेंडरों की सूची में रखने का प्रस्ताव लाया गया। उसके बाद सदन की बैठक में मुहर लगने के बाद एजेंडा प्रशासन को भेज दिया गया।
तंदूर वालों ने कहा कि वेंडिंग जोन में कैसे रखेंगे तंदूर
एक ओर जब वेंडरों को वेंडिग जोन में शिफ्ट किया गया था तो तंदूर वालों ने कहा वह तंदूर वेंडिंग जोन में कैसे लगाएंगे क्योंकि वेंडिंग जोन में कोई सामान रखने की अनुमति नहीं है। चाय वालों ने भी कहा कि चाय के साथ पराठा या छोले भटूरे का लाइसेंस नहीं बन रहा है। ऐसे में वह अपना व्यवसाय कैसे छोड़ें। उसके बाद ही निगम ने यह फैसला लिया।
सदन की बैठक में जो एजेंडा वेंडरों को ईएसपी श्रेणी में लाने के लिए लाया गया था। उस पर शुक्रवार को प्रशासक ने अंतिम मुहर लगा दी है। अब वेंडरों को समस्या नही होगी।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम