यूटी प्रशासन के समाज कल्याण विभाग ने सेक्टर-15 स्थित बाल निकेतन सोसाइटी को शुक्रवार को टेकओवर कर लिया। साथ ही इसका नाम बदलकर चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स कर दिया। यह चंडीगढ़ चाइल्ड एंड वुमन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अधीन होगा।
टेकओवर करने के साथ ही वहां अपना स्टाफ भी तैनात कर दिया है, जिनमें 10 महिलाएं हैं। स्टाफ में तीन हाउस मदर, एक वार्डन, एक क्लर्क, दो माली और तीन गेट कीपर हैं।
सिर्फ गेटकीपर ही पुरुष हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई बाल निकेतन सोसाइटी में बच्चियों के साथ हुए यौन उत्पीड़न के खुलासे के बाद की।
सिर्फ 12 लड़कियां बचीं
बाल निकेतन सोसाइटी को अभी तक एक एनजीओ द्वारा 1980 से चलाया जा रहा था और समाज कल्याण विभाग इसे चलाने के लिए 90 फीसदी अनुदान देता था। बाल निकेतन सोसाइटी में अब सिर्फ 12 ही लड़कियां ही बची हैं।
समाज कल्याण विभाग यहां रहने वाले किसी भी लड़की को स्नेहालय में शिफ्ट करने में सफल नहीं हो सका। विभाग की टीम दो दिन बाल निकेतन सोसाइटी गई थी, लेकिन लड़कियों ने स्नेहालय जाने से इंकार कर दिया था। स्नेहालय जाने के विरोध में इन लड़कियों ने वीरवार को खुद को डॉरमेटरी में बंद भी कर लिया था।
परिजनों के पास गईं लड़कियां वापस बुलाई जाएंगी
बाल निकेतन में कुछ अनाथ और कुछ गरीब परिवारों की लड़कियां रहती हैं। कुछ को कुष्ठ रोग भी है। ऐसे में जो लड़कियां अपने परिजनों के पास गई हैं उनके परिजन बेहद गरीब हैं और अब समाज कल्याण विभाग उन लड़कियों को वापस बुलाएगा। इन लड़कियों की काउंसलिंग भी की जाएगी।
एनजीओ के लिए हो सकती है मुश्किल
बाल निकेतन सोसाइटी को संचालित करने वाले एनजीओ के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। एनजीओ ने दबाव बनाकर यहां रहने वाली कई लड़कियों को जबरदस्ती उनके परिजनों को सौंप दिया। एनजीओ ने इसके लिए उचित कार्रवाई नहीं की। इस एनजीओ की मानद सचिव अमर कुलवंत कौर हैं।
यौन उत्पीड़न की शिकायत 18 लड़कियों ने की थी। इनमें से दो लड़कियां पहले ही अपने घर जा चुकी हैं। सोसाइटी में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सही प्रकार से पालन नहीं हो रहा था।
प्रशासन ने सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे, मॉनीटरिंग कमेटी को एक माह में दो बार दौरा करने और बाल निकेतन में सिर्फ महिला कर्मचारी को ही नियुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसमें से किसी भी निर्देश का पालन नही किया गया।
गृह सचिव से मिले आप कार्यकर्ता
आप के कार्यकर्ताओं ने गृह सचिव अनिल कुमार से मिलकर इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही लड़कियों की सुरक्षा से संबंधित सुझाव भी दिए।