सेलवेल कंपनी की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चंडीगढ़ नगर निगम ने सेलवेल को 85 टायलेट ब्लाक आवंटित किए थे। इनमें से ट्रांसफर बेस वाले 40 टायलेट पर विज्ञापन लगाने की कंपनी को फीस जमा करवानी थी।
साढ़े पांच साल तक कंपनी ने यह फीस नहीं दी लेकिन निगम ने कंपनी के खिलाफ कोई कदम भी नहीं उठाया। लोकल आडिट ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं की। अक्तूबर 2013 में यह मामला उठा तो रिकवरी के लिए पब्लिक हेल्थ डिवीजन-4 को लेटर लिखा गया।
इसके बाद पिछले दिनों नगर निगम ने विज्ञापन फीस के 75 लाख रुपए सेलवेल कंपनी को जमा करवाने को कहा। यह रकम कंपनी ने जमा नहीं करवाई तो नगर निगम ने टायलेट ब्लाक वापस करने के आदेश दिए।
सेलवेल कंपनी ने निगम के आदेश को चुनौती देते हुए टॉयलेट ब्लॉक वापस करने व एमसी व सेलवेल कंपनी के बीच समझौते के अनुसार, उनको यह ठेका जारी रखने की मांग की। हाईकोर्ट ने इस मामले में नगर निगम को 29 अप्रैल के लिए नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।