चंडीगढ़ के अफसर और जज अब सरकारी ड्यूटी के समय स्टीकर, फ्लैग और नेम प्लेट लगा सकेंगे। प्रशासन की तरफ से आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी नेम प्लेट लगाने की छूट प्रदान की गई है। मोहाली और पंचकूला से आने वाली गाड़ियों का चंडीगढ़ में चालान किया जाए या नहीं, इसको लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति है।
इस पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेगा। वहीं, शहर के अफसर और जज अब सरकारी ड्यूटी के समय स्टीकर, फ्लैग और नेम प्लेट लगा सकेंगे। यूटी प्रशासन के अधिकारियों में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद से असमंजस की स्थिति थी।
इसको लेकर यूटी प्रशासन की तरफ से वीरवार को कई आदेश जारी किए गए। जारी आदेशों में कहा गया है कि किसी भी सरकारी व निजी गाड़ी पर कोर्ट, आर्मी, एयरपोर्ट, नेवी, पुलिस, प्रेस आदि शब्द नहीं लिखे जा सकते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सरकारी और निजी गाड़ी पर चेयरमैन, वाइस चेयरमैन जैसे पदों का उल्लेख भी नहीं किया जा सकता है।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए तीसरे आदेश में यह कहा गया है कि किसी भी सरकारी गाड़ी पर ‘गवर्नमेंट और यूटी प्रशासन’ लिखा जा सकता है, अगर वह गाड़ी सरकारी ड्यूटी दे रही हो। चौथे आदेश में कहा गया है कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, एडीशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड अपने पद नाम यानी नेम प्लेट को लगा सकते हैं, यदि वह किसी आपातकालीन स्थिति में सेवाएं दे रहे हों।
यह आदेश चंडीगढ़ प्रशासन के सुपरिंटेंडेंट ट्रांसपोर्ट की तरफ से जारी किए गए हैं। आदेशों की कॉपी होम सेक्रेटरी, सेक्रेटरी पर्सोनल, नगर निगम कमिश्नर, चंडीगढ़ के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, ट्रैफिक एसएसपी, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सेक्रेटरी व अन्य विभागों को जारी किए गए हैं।
चालान बुक में स्टीकर/नेमप्लेट के चालान का कॉलम ही नहीं
हैरानी की बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस की चालान बुक में वाहनों पर लगे स्टीकर के चालान काटने का कॉलम ही नहीं है। पुलिस कर्मचारी ‘अदर आफेंस’ के कालम में टिक करके इस तरह के चालान काट रहे हैं। वहीं, शहर में अभी भी पुलिस समेत कई अन्य विभागों की गाड़ियों पर पद, विभाग और नेम प्लेट के स्टीकर लगे हैं। पुलिस और अन्य डिपार्टमेंट के अलावा अधिकारियों के प्राइवेट वाहनों पर अभी भी स्टीकर लगे हुए है।