चंडीगढ़ पीजीआई प्रशासन ने इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने के निर्देश जारी किए थे। इसके तहत प्रोफेसर से नीचे रैंक के सीनियर डॉक्टर सुबह आठ से 12 बजे तक इमरजेंसी में रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी देंगे, लेकिन इस निर्देश का पीजीआई की फेकल्टी एसोसिएशन ने विरोध जताया। विरोध के बाद नया सिस्टम बनाया गया है।
इसके तहत अब सीनियर डॉक्टर शाम के वक्त भी इमरजेंसी का दौरा करेंगे और मरीज को स्थिति के मुताबिक सीनियर रेजिडेंट को इलाज का निर्देश देंगे। बताया जा रहा है कि इससे इमरजेंसी में कुछ सुधार आने की गुंजाइश है। पीजीआई इमरजेंसी में मरीज ज्यादा होने की वजह से हालात खराब रहते हैं। जितनी इमरजेंसी की क्षमता है, उससे तीन गुना ज्यादा मरीजों का इलाज इमरजेंसी में होता है।
अक्सर मरीजों की शिकायत रहती है कि रेजिडेंट डॉक्टर उनसे सही व्यवहार नहीं करते हैं। इलाज में देरी करते हैं। इससे मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। पिछले दिनों ऐसे कई लापरवाही के मामले सामने आए। मरीज के परिजनों ने भी इस बारे में पीजीआई प्रशासन को शिकायत दी।
उसके बाद पीजीआई प्रशासन ने इंटरनल मेडिसिन को इमरजेंसी में सुबह आठ से रात 12 बजे तक सीनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाने के निर्देश जारी किए, लेकिन इस फैसले का पीजीआई फेकल्टी एसोसिएशन ने विरोध जताया।