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कार्बूजिए के डिजाइनों को अब मिलेगा हेरीटेज का दर्जा

Sat, 07 Dec 2013 01:40 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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सिटी ब्यूटीफुल में ली कार्बूजिए की ओर से डिजाइन इमारतों को यूनेस्को से हेरीटेज स्टेटस दिलाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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प्रशासन अब ली कार्बूजिए की ओर से डिजाइन कैपिटल कांपलेक्स और कुछ अन्य इमारतों को हेरीटेज का दर्जा दिलाने के लिए यूनेस्को के पास आवेदन करेगा।

लेकिन, इस बार प्रशासन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवेदन करने की जगह पांच देशों के साथ मिलकर यह प्रयास करेगा।

पेरिस में दो दिसंबर को हुई बैठक में हिस्सा लेकर वापस लौटे प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि जापान, स्विटजरलैंड, फ्रांस, बेल्जियम और अर्जेंनटीना की ओर से यूनेस्को के पास ली कार्बूजिए के आर्किटेक्चर वर्क्स को हेरीटेज स्टेटस के लिए यूनेस्को के पास डोजियर भेजेगा। बैठक में चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर ने भी हिस्सा लिया था।

 वर्ष 2015 के लिए यह डोजियर जुलाई, 2014 तक यूनेस्को को भेजा जाना है। इन पांच देशों के साथ अब भारत भी जुड़ जाएगा और चंडीगढ़ में ली कार्बूजिए की ओर से डिजाइन इमारतों को इस डोजियर में शामिल किया जाएगा।
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शर्मा ने कहा कि अब यह केंद्र सरकार को तय करना है कि चंडीगढ़ में ली कार्बूजिए की ओर से तैयार किन-किन इमारतों को हेरीटेज का दर्जा देने के लिए डोजियर में शामिल किया जाए।

हमारा प्रयास रहेगा कि कैपिटल कांप्लेक्स, म्यूजियम बिल्डिंग और लेजर वैली को डोजियर में शामिल किया जाए।

2009 में भी प्रशासन ने किया था आवेदन
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर वर्ष 2009 में यूनेस्को के पास शहर को हेरीटेज सिटी का दर्जा दिलाने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद से प्रशासन ने आवेदन नहीं किया है।

आवेदन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से किया जाता है। मंत्रालय के पास देश भर से कई आवेदन आते हैं। शर्मा ने कहा कि ऐसा नहीं है कि प्रशासन ने शहर को हेरीटेज सिटी का दर्जा दिलाने के प्रयास नहीं किए।

लेकिन, चंडीगढ़ की बारी कब आती यह कहना मुश्किल था। हाल ही में एक सम्मेलन में हिस्सा लेने चंडीगढ़ आए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव से शर्मा ने जब बात की तो उन्होंने ही शर्मा को यह सुझाव दिया कि वह उन पांच देशों के साथ मिल कर आवेदन करें।

इसके बाद ही प्रशासन के अधिकारी बैठक में हिस्सा लेने पेरिस गए। शर्मा ने बताया कि फ्रांस में उन्होंने ली कार्बूजिए की ओर से डिजाइन किया गया एक गांव भी देखा
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