जेल में बंद कैदियों का अब रेगुलर यूरिन व ब्लड टेस्ट होगा। ताकि जेल में बंद कैदियों को नशे से दूर रखा जा सके। सरकार की खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक जेल में बंद कैदियों को नशा सप्लाई किया जाता है।
एक मामले की सुनवाई में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को निर्देश जारी कर जेल में बंद कैदियों को समय-समय पर यूरिन व ब्लड टेस्ट कराने के लिए कहा है। ताकि कैदियों को नशे से दूर रखा जा सके और जेल में नशीले पदार्थोें के सेवन पर रोक लग सके। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने नया पैंतरा अख्तियार किया है। जेल में बंद कैदियों और आने वाले कैदियों का मेडिकल टेस्ट के दौरान अब समय-समय पर यूरिन व ब्लड टेस्ट होगा।
हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई में यूटी पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी कर कैदियों की यूरिन व ब्लड टेस्ट कराकर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। वहीं, जेल में बंद कैदियों के यूरिन व ब्लड टेस्ट में अगर नशीले पदार्थ सेवन की पुष्टि होती है, तो उन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाएगा। जहां नशा छुड़वाने को लेकर इलाज चलेगा। नाम न लिखे जाने की शर्त पर यूटी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब जेल में बंद कैदियों की एचआईवी, हैपेटाईटिस बी व सी, ट्यूबरक्यूलोसिस (टीबी), स्कीन व अन्य इंफेक्शन को लेकर भी जांच की जाएगी। ताकि एक कैदी से दूसरे कैदी में संक्रमित रोग न फैले।