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जेल में बंद कैदी नशा न कर सके, अब रूटीन में होगा यूरिन और ब्लड टेस्ट

Thu, 02 Nov 2017 09:10 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Burail Jail
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जेल में बंद कैदियों का अब रेगुलर यूरिन व ब्लड टेस्ट होगा। ताकि जेल में बंद कैदियों को नशे से दूर रखा जा सके। सरकार की खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक जेल में बंद कैदियों को नशा सप्लाई किया जाता है।
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एक मामले की सुनवाई में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को निर्देश जारी कर जेल में बंद कैदियों को समय-समय पर यूरिन व ब्लड टेस्ट कराने के लिए कहा है। ताकि  कैदियों को नशे से दूर रखा जा सके और जेल में नशीले पदार्थोें के सेवन पर रोक लग सके। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने नया पैंतरा अख्तियार किया है। जेल में बंद कैदियों और आने वाले कैदियों का मेडिकल टेस्ट के दौरान अब समय-समय पर यूरिन व ब्लड टेस्ट होगा।

हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई में यूटी पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी कर कैदियों की यूरिन व ब्लड टेस्ट कराकर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। वहीं, जेल में बंद कैदियों के यूरिन व ब्लड टेस्ट में अगर नशीले पदार्थ सेवन की पुष्टि होती है, तो उन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाएगा। जहां नशा छुड़वाने को लेकर इलाज चलेगा। नाम न लिखे जाने की शर्त पर यूटी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब जेल में बंद कैदियों की एचआईवी, हैपेटाईटिस बी व सी, ट्यूबरक्यूलोसिस (टीबी), स्कीन व अन्य इंफेक्शन को लेकर भी जांच की जाएगी। ताकि एक कैदी से दूसरे कैदी में संक्रमित रोग न फैले।
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बुड़ैल जेल में इस समय है इतने कैदी

burail jail
यूटी के ड्रग्स डी-एडिक्शन सेंटर में रेजिडेंट्स का होगा एचआईवी टेस्ट
यूटी के सभी 6 ड्रग्स डी- एडिक्शन सेंटर में उपचाराधीन रेजिडेंट्स का एचआईवी, हैपेटाईटिस बी व सी, ट्यूबरक्यूलोसिस (टीबी), स्किन व अन्य इंफेक्शन को लेकर अब जांच होगी। हाईकोर्ट ने यूटी के सभी 6 ड्रग्स डी-एडिक्शन सेंटर को आर्डर जारी कर रेजिडेंट्स की मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के  लिए कहा है। इसके अलावा यह रिपोर्ट गोपनीय रखने और रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

बुड़ैल जेल में इस समय है 950 कैदी
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार इस समय बुड़ैल जेल में 950 कैदी बंद है। जोकि अलग-अलग धाराओं में सजा पूरी कर रहे हैं। इन कैदियों का अब रूटीन में यूरिन व ब्लड टेस्ट के  साथ एचआईवी टेस्ट भी होगा।

अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले
वर्ष                            एनडीपीएस केस रजिस्टर्ड
2014                               137
2015                               173
2016                               144
31-8-2017                        165
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