कंचन ने बताया कि शुरू से ही उसका आईएएस बनने का सपना था। लॉ के प्रोजेक्ट के दौरान वह लीगल सर्विस के दौरान लोगों की समस्याओं का पता चला तब महसूस किया कि लोगों की समस्याओं को आईएएस बनकर बेहतर तरीके से समाधान किया जा सकता। कंचन ने बताया कि उसने कभी तैयारी के लिए शेड्यूल तय नहीं किया, जब मन और दिल करता था, तब पढ़ना शुरू कर देती थीं। उसका वैकल्पिक विषय लॉ ही था।
इंटरव्यू से पहले थोड़ी नर्वस थी। उसकी इच्छा है कि उसे हरियाणा कैडर मिले। कंचन का कहना है कि बचपन से ही सपना था कि कुछ कर दिखाऊं। यूपीएससी की परीक्षा के लिए दिन-रात पढ़ाई की। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी कठोर मेहनत एवं अपनी दादी ब्रह्मकुमारी शांति माता, माता-पिता व परिजनों को दिया है।
शुरू से ही रही है टॉपर: अनिल सिंगला
कंचन के पिता अनिल सिंगला ने बताया कि वह शुरू से ही टॉपर रही है। आठवीं सिरसा से पास करने के बाद कंचन ने 9वीं कक्षा में पंचकूला के स्कूल में प्रवेश्ा लिया। कंचन ने 12वीं परीक्षा चंडीगढ़ के गर्वनमेंट मॉडल स्कूल सेक्टर- 16 से पास की। उसके बाद पांच वर्षीय लॉ में एडमिशन लिया। कंचन ने सात गोल्ड मेडल पाकर यूनिवर्सिटी में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।