चंडीगढ़। शहर में गंदे पानी और सीवर की समस्या को लेकर बुधवार को नगर निगम सदन में जोरदार हंगामा हुआ। तीनों दलों के पार्षदों ने करीब एक घंटे तक लगातार सवाल दागे और आरोप लगाया कि वर्षों से समस्या बढ़ती जा रही है लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। खासकर मौलीजागरां, हल्लोमाजरा, धनास और डड्डूमाजरा जैसे बाहरी इलाकों में हालात गंभीर बताए गए, जहां कई स्थानों पर सीवर लाइन और पेयजल पाइप लाइन के संपर्क में आने से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें हैं।
हंगामे के बीच नगर आयुक्त अमित कुमार ने घोषणा की कि पूरे शहर में पानी और सीवर व्यवस्था की थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी। जहां भी शिकायत मिलेगी, वहां तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर जांच शुरू भी हो चुकी है और रिपोर्ट मिलते ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मौलीजागरां में कैनाल वॉटर की मांग
मौलीजागरां के पार्षद मनोज सोनकर ने कहा कि इलाके की मौजूदा स्थिति के लिए जनता या पार्षद नहीं बल्कि प्रशासनिक तंत्र जिम्मेदार है। उन्होंने कैनाल वॉटर की नियमित सप्लाई को स्थायी समाधान बताया और कहा कि गिरते भूजल स्तर के कारण समस्या और गहराती जा रही है। कई पार्षदों ने यह भी कहा कि छोटी-मोटी मरम्मत के लिए उन्हें निजी स्तर पर खर्च करना पड़ता है।
गठबंधन टूटने पर आप-कांग्रेस आमने-सामने
सदन में पानी के मुद्दे के बीच राजनीतिक तल्खी भी खुलकर सामने आई। कांग्रेस पार्षद पोस्टर लेकर वेल में आ गए और आम आदमी पार्टी के चंडीगढ़ प्रभारी पर भाजपा से ‘डील’ कर गठबंधन तुड़वाने का आरोप लगाया। आप पार्षदों ने पलटवार करते हुए कहा कि इस विषय पर सवाल पार्टी नेतृत्व से पूछे जाएं। बढ़ते शोर-शराबे के बीच मेयर सौरभ जोशी ने हस्तक्षेप कर व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचने की नसीहत दी।
सीनियर डिप्टी मेयर-नगर आयुक्त में तकरार
सीनियर डिप्टी मेयर जसमनप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि कई अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। इस पर नगर आयुक्त ने नाम बताने को कहा और स्पष्ट किया कि लापरवाही साबित होने पर जेई और एसडीओ तक को निलंबित किया जा सकता है। हालांकि सीनियर डिप्टी मेयर ने किसी का नाम लेने से इनकार किया।
मेयर की कुर्सी संभालने का अवसर
बैठक के दौरान मेयर ने सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर सुमन को क्रमश: सदन की कार्यवाही संचालित करने का अवसर दिया। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई।
संपत्ति घोषित करने की मांग
भाजपा पार्षद कंवरजीत सिंह राणा ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों और पार्षदों से अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने की मांग की। मेयर ने इस सुझाव का स्वागत किया। वहीं सेक्टर-45 में कूड़ा उठाने की व्यवस्था, सेक्टर-36 में हॉर्टिकल्चर वेस्ट और ट्यूबवेल ऑपरेटरों पर अतिरिक्त बोझ जैसे मुद्दे भी उठे। मेयर ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि सात-सात वार्डों की संयुक्त बैठक कर जमीनी समस्याएं चिन्हित की जाएं और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। सदन की कार्यवाही ने स्पष्ट कर दिया कि पानी और सीवर का मुद्दा आने वाले दिनों में शहर की राजनीति का केंद्र बनेगा।