एक कर्मचारी ने अपनी ट्रांसफर रुकवाने के लिए इतने अजीब अजीब से कारण दिया कि जानकर आप भी हंस हंस कर लोटपोट हो जाएंगे। मैडम! मुझे पत्नी को ऑफिस छोड़ना और लाना होता है, ट्रांसफर हो गई तो बहुत दिक्कत हो जाएगी। मैं गोद लिया हुआ बेटा हूं। मेरे माता-पिता बुजुर्ग हो गए हैं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, उनकी पूरी जिम्मेदारी मुझ पर है...। मेरे बच्चे छोटे हैं, वह मेरे बिना नहीं रह पाते, उन्हें केयर की अधिक जरूरत है।
इस तरह की दलीलें देकर अपना तबादला रुकवाने के लिए इन दिनों पुलिसकर्मी पीईबी का चार्ज देख रही डीएसपी के आफिस के चक्कर लगा रहे हैं। 18 सितंबर को पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ था। इनमें अधिकतर वे लोग हैं, जो वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं। कुल 1843 पुलिस कर्मियों के तबादले हुए थे। इनमें 5 इंस्पेक्टर, 146 सब इंस्पेक्टर, 98 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, 535 हेड कांस्टेबल और 1059 कांस्टेबल शामिल हैं। तबादला सूची जारी होते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
हालांकि कई कर्मचारी ट्रांसफर से खुश भी हैं, लेकिन नाखुश की संख्या अधिक है। इसके बाद से वे लोग जो ट्रांसफर से नाखुश हैं, अपने-अपने स्तर पर इसे रुकवाने के लिए पीईबी का चार्ज देख रही डीएसपी (साइबर) रश्मि यादव शर्मा के आफिस के चक्कर लगा रहे हैं। पिछले 3-4 दिनों में रोजाना कई पुलिसकर्मी डीएसपी के समक्ष पेश होकर अपने-अपने दुखड़े सुनाकर ट्रांसफर रुकवाने की दुहाई दे रहे हैं।
खास बात यह है कि ट्रांसफर रुकवाने या कहीं और करवाने के लिए 1-2 इंस्पेटर भी डीएसपी के समक्ष पेश हुए हैं। वहीं कुछ तो ऊपर लेवल से भी डीएसपी पर प्रेशर डलवा रहा हैं।
वर्षों से एक ही सीट पर जमे पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर कर अन्य विभागों में भेजा गया है। यह विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा है।
- रश्मि यादव शर्मा, डीएसपी साइबर पीईबी इंचार्ज