राशि वन : भारतीय संस्कृति में पेड़ों को देवता के रूप में पूजने की परंपरा रही है। ऐसी मान्यता है कि प्रत्येक व्यक्ति की राशि का एक प्रतिनिधि वृक्ष होता है। इसके सान्निध्य और रोपण से शुभफल मिलता है। वास्तु में राशि के अनुसार पेड़ लगाना सकारात्मक फलदायक माना जाता है।
सिटी फॉरेस्ट के राशि वन में मेष राशि के लिए लाल चंदन, मिथुन के लिए कटहल, सिंह राशि के लिए पाडल, कर्क के लिए पलास, तुला राशि के लिए मौलसिर, कन्या राशि के लिए आम, धनु के लिए पीपल, वृश्चिक के लिए खैर, कुंभ के लिए कैगर खेर, मकर के लिए शीशम व वृष राशि के लिए सप्तपर्णी के पौधे लगाए गए हैं।
नक्षत्र वन : नक्षत्र वाटिका में कुल 27 नक्षत्रों के लिए अलग-अलग गुण वाले पौधे लगाए जाएंगे। इसमें अश्विनी के लिए कोचिला, भरणी के लिए आंवला, कृतिका के लिए गुल्लड़, रोहिणी के लिए जामुन, मृगशिरा के लिए खैर, आद्रा के लिए शीशम, पुनर्वसु के लिए बांस, पुष्य के लिए पीपल, अष के लिए नागकेसर, मघा के लिए वट, पूर्वा के लिए पलास, उत्तरा के लिए पाकड़, हस्त के लिए रीठा, चित्रा के लिए बेल, स्वाति के लिए अर्जुन, विशाषा के लिए कटैया, अनुराधा के लिए भालसरी, ज्येष्ठा के लिए चीर, मूला के लिए शाल, पूर्वाषाढ़ के लिए अशोक, उत्तराषाढ़ के लिए कटहल, श्रवण के लिए अकौन, धनिष्ठा के लिए शमी, शतभिषा के लिए कदम्ब, पूर्व भाद्र के लिए आम, उत्तरभाद्र के लिए नीम व रेवती नक्षत्र के लिए उपयुक्त फल देने वाले महुआ के पौधे लगाए गए हैं।
नवग्रह वाटिका : इस वन में नौ तरह के पौधे लगाए जाएंगे। इसमें सूर्य के लिए आक, चंद्रमा के लिए पलाश, मंगल के लिए खैर, बुध के लिए चिचिड़ा, बृहस्पति के लिए पीपल, शुक्र के लिए गूलर, शनि के लिए शमी, राहू के लिए चंदन, केतु के लिए कुश लगाया जाएगा।
सिटी फारेस्ट में तीन विशेष वन तैयार किए जा रहे हैं। इसमें राशि, ग्रह और नक्षत्र के अनुसार अलग-अलग किस्म के पौधे लगाए गए हैं। माइथोलॉजी में इसका जिक्र मिलता है कि यदि राशि, ग्रह व नक्षत्र के अनुसार लगाए गए पौधे के आसपास रहें तो व्यक्ति निरोगी और संपन्न होता है। -डॉ. अब्दुल कय्यूम, डिप्टी कंजरवेटर फारेस्ट, पर्यावरण विभाग चंडीगढ़