दो होनहारों ने ऐसी अनोखी कार का मॉडल तैयार किया है, जो सीट बेल्ट लगाए बिना स्टार्ट ही नहीं होगी। और भी बहुत खासियतें ऐसी हैं, जो सोची न होंगी किसी ने। स्टेट काउंसिल आफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर की ओर से विज्ञान, गणित और पर्यावरण पर आधारित राज्य स्तरीय साइंस एग्जीबिशन का आयोजन किया गया।
इस दौरान छठी से बारहवीं तक के बच्चों ने एक से बढ़कर एक अद्भुत मॉडल पेश किए। इन माडलों को देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता है कि इन्हें छठी या दसवीं के बच्चों ने बनाए हैं। इसमें 70 स्कूलों के 158 माडल्स शामिल किए हैं। एग्जीबिशन की मुख्य थीम इनोवेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट रखी गई।
प्रदर्शनी में अनोखी कार देखने को मिली
प्रदर्शनी में एक अनोखी कार देखने को मिली, जिसमें सीट बेल्ट नहीं लगाने पर कार स्टार्ट नहीं होगी। इससे गवर्नमेंट हाईस्कूल डड्डूमाजरा स्कूल के छात्र अनु और निशा ने बनाया। कार में बैठने के बाद अगर आप सीट बेल्ट लगाना भूल गए तो जितनी मर्जी कोशिश कर लें, कार स्टॉर्ट ही नहीं होगी।
कार एक अन्य फीचर्स काबिलेतारीफ था। कार का टायर पंचर होने पर उसे बदलने की स्थिति में महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए इस अनोखी कार में स्टेपनी बदलने के लिए एक बटन लगाया गया है।
बटन दबाने पर कार अपने आप ऊपर उठ जाएगी, जिसके बाद बिना किसी परेशानी के टायर बदला जा सकता है। कार में बारिश के दिनों के लिए खास ध्यान रखा गया है। कार में सामने के शीशे पर वाइपर तो है ही साथ में साइड की खिड़कियों पर भी वाइपर लगाए गए हैं ताकि भारी बारिश के समय साइड में देखने में कोई दिक्कत न हो।
डस्टबिन खुद बताएगा कौन सा कचरा कहां डालें
विज्ञान प्रदर्शनी
जीएमएसएसएस-33 के छात्र जीवराज और लक्षित ने ऐसे डस्टबिन का मॉडल बनाया है, जो बोलकर बताएगा कि किस कचरे को कहां फेंकना है। अकसर देखा गया है कि लोग कचरे को अलग करने की बजाय एक ही में मिलाकर फेंक देते हैं, जिसकी वजह से कचरा किसी काम का नहीं रहता, इसलिए इस डस्टबिन में एक स्पीकर लगा हुआ है, जो बताएगा कि कांच और उसके जैसा कूड़ा किस डस्टबिन में डालना है।
इसके अलावा डस्टबिन भरने पर प्रोसेसिंग सिस्टम काम करने लगेगा। जो कूड़ा प्रोसेसिंग होने लायक होगा, वह वहीं पर प्रोसेस हो जाएगा। इसमें डस्टबिन को कहीं लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह माडल स्वच्छ भारत अभियान के बारे में लोगों को जागरूक करने और नगर निगम के सफाई के अभियान को बढ़ाने व आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में काम आएगा यह मॉडल
तीखे मोड़ और घुमावदार सड़कों पर होने वाले दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक शॉर्पटन इंडीकेटर नामक मॉडल बनाया है, जो सामने से आ रही गाड़ी को पहले ही सूचित कर देगा और अन्य फीचर्स रोड रोलर कार को बैलेंस करेगा। इसे ड्डूमाजरा स्कूल के छात्र विकास ने तैयार किया है। यह मॉडल खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें स्मार्ट हेडलाइट को भी शामिल किया गया है।
चार दिन तक चलने वाले इस प्रदर्शनी में करीब 158 मॉडल्स आए हैं। इसमें पहला स्थान पाने वाले मॉडल को 5100, दूसरे को 3100 और तीसरे को 2100 रूपये की राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त भाग लेने वाले छात्रों को 500 रुपये की नगद राशि दी जाएगी।
- सरिता श्रीधर, एसोसिएट प्रोफेसर, एससीईआरटी