पंजाब के शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र की ओर से प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। जिसके लिए केंद्र सरकार की ओर से करोड़ों का बजट भी पास हुआ हुआ। इस राशि से एसबीएम शहरी परियोजना को गति मिलने वाली है।
पंजाब के शहरों को कचरा मुक्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) 2.0 के तहत केंद्र की ओर से राज्य को 193.79 करोड़ रुपये मिल गए हैं। इस राशि से एसबीएम शहरी परियोजना को गति मिलने वाली है। मिशन के तहत पंजाब में कुल 1050.20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। वर्ष 2025-26 तक चलने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत तीन साल के भीतर राज्य के सभी शहरों को कचरा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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शहरी निकायों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च होगी 1050.20 करोड़ की राशि
जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से केंद्रीय फंड के खर्च का दावा किया गया था, जिसके अनुसार सूबे को 193.79 करोड़ रुपये की अदायगी केंद्र की ओर से दी गई है। हालांकि अभी तक राज्य को कुल राशि में से 296.38 करोड़ रुपये का आवंटन किया जा चुका है। इस परियोजना के तहत हर घर से गीला और सूखा कूड़ा एकत्र करने के 100% लक्ष्य को पूरा करने के साथ कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन करना होगा।
वर्ष 2025-26 तक जारी रहेगा केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित एसबीएम शहरी 2.0 प्रोजेक्ट
वहीं, तीन साल के अंदर सभी पुरानी डंपिंग साइटों में सुधार कर इन्हें हरित क्षेत्र में बदला जाएगा। पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी के अनुसार केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री कौशल किशोर ने सदन में बताया कि मिशन के तहत पंजाब को कुल आवंटित राशि में से 193.79 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
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एसबीएम-शहरी परियोजना के तहत केंद्र की ओर से राज्यों को फंड जारी किया जाता है, जिसे राज्यों द्वारा आगे राज्य उच्च अधिकार प्राप्त समिति और राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा अनुमोदित कार्ययोजना के तहत निकायों में आवंटित किया जाता है।
पंजाब के लिए स्वच्छ भारत मिशन की ओर से आवंटित फंड का विवरण ( नोट- वर्ष राशि (करोड़ में)