पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचीं केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण।
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पीजीआई देश के श्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में शुमार है। इससे उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं। पीजीआई में मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने पर व्यापक स्तर पर काम हो रहा है। यहां प्रतिदिन लगभग 11 हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं लेकिन शोध पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जब कोविड के दौरान शोध कर विश्व स्तर पर वाहवाही बटोरी गई तो अब उससे भी बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
शोध के जरिए दूसरे देशों के लिए मिसाल कायम कर सकते हैं। ये बातें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने बुधवार को पीजीआई में कहीं। वे संस्थान के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के साथ आगामी योजनाओं पर विचार विमर्श करने आई थीं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में मरीजों की भीड़ के साथ वेटिंग पीरियड कम करने पर काम हो रहा है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण, टेस्ट रिपोर्ट की सुविधा संचालित की जा रही है। इसकी अगली कड़ी में क्यूआर कोड को लागू करने की तैयारी है ताकि मरीज स्कैन कर अपनी बुकिंग करा सकें।
वहीं बड़े चिकित्सा संस्थानों पर दबाव कम करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को मजबूत किया जा रहा है। क्रमवार तरीके से उसकी स्थापना, मानव संसाधन की व्यवस्था, तकनीकी मजबूती और जनता के बीच सुविधा का संचालन शामिल है। मुख्य रूप से मधुमेह, कैंसर और ऐसी अन्य गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग और इलाज की व्यवस्था पर फोकस किया जा रहा है। इस अवसर पर पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल भी मौजूद रहे। इससे पहले भारती प्रवीण पवार ने पीजीआई की फेकल्टी के साथ बैठक की जिसमें उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और उसे दूर करने पर मंथन भी किया। वहीं पीजीआई में निर्माणाधीन योजनाओं का जायजा लिया।