दीक्षांत भाषण में उन्होंने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति के तहत भारत की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा दी गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में युवाओं की प्रवृतियों को ध्यान में रखते हुए देश व राष्ट्र निर्माण में उनका कैसे प्रयोग किया जाए, इस पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे नौजवानों को विदेश जाने से रोकने के लिए केंद्र सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत देश में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान कर रही है।
पंजाब की धरती ने देश का हमेशा मान बढ़ाया है और इसलिए प्रदेश के युवाओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे देश के गौरव को बनाए रखने के लिए हमेशा तत्पर रहें। इससे पहले आत्मनिर्भर भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका पर आयोजित परिचर्चा में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की दिशा में प्रगति की है और देश के युवा इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गर्वनेंस में भी तकनीक का प्रयोग किया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में स्टार्टअप ईको सिस्टम को बल मिला है, जिसके कारण देश में 70 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं, जिसमें युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाते हुए देश को विश्व में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर भारत विज्ञान व प्रौद्योगिकी में पूरे विश्व में अग्रणी भूमिका में नजर आ रहा है। इस दौरान उन्होंने परिचर्चा में शामिल प्रबुद्धजनों के सवालों का जवाब भी दिया।