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खट्टर का सिरदर्द बना मोदी के मंत्री का बयान

Sat, 13 Dec 2014 07:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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केंद्रीय कानून मंत्री सदानंद गौड़ा की ओर से खाप पंचायतों को असंवैधानिक बताए जाने संबंधी बयान ने हरियाणा सरकार को धर्म संकट में डाल दिया है। इसी सप्ताह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खापों के समर्थन की बात कही है।
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प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खाप पंचायतों का समर्थन कर चुके हैं। ऐसे में कानून मंत्री के बयान ने हरियाणा की भाजपा सरकार के सामने धर्म संकट की स्थिति पैदा कर दी है। सरकार अब अपने बचाव में सधे हुए बयान दे रही है।

उधर, खाप पंचायत के प्रतिनिधियों ने इस मामले में बैठकें शुरू कर दी हैं। उनका कहना है कि कानून मंत्री ने यह बयान बिना सोचे समझे दिया है। उन्हें अपना बयान वापस लेना चाहिए, अन्यथा इस मुद्दे पर महापंचायत बुलाई जाएगी। खाप प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कानून मंत्री खाप पंचायतों के असितत्व पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
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हालांकि हरियाणा सरकार इस मामले में बचाव की मुद्रा में आ गई है। सरकार का कहना है कि कानून में खाप पंचायतों को मान्यता भले ही न हो, लेकिन यह सामाजिक समूह हैं, जिन्हें नकारा नहीं जा सकता। सामाजिक समूहों का समाज की विभिन्न गतिविधियों में योगदान होता है।

कानून मंत्री को अपने शब्द वापस लेने चाहिए

कानून मंत्री को पंचायत और खाप में फर्क नहीं पता है। उत्तर भारत के रीति रिवाजों और संस्कारों से वे अवगत नहीं हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री खापों को सही ठहराते हैं और कानून मंत्री असंवैधानिक बताते हैं। कानून मंत्री से हम उनके शब्द वापस लेने के लिए कहेंगे। अन्यथा महापंचायत की जाएगी।
डा. संतोष दहिया, सर्वखाप महापंचायत, महिला प्रदेश अध्यक्ष

मोदी ने हमारे अस्तित्व को समझा
भारत भिन्न-भिन्न परंपरा और संस्कृति वाला देश है। 11 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद में खाप पंचायतों की तारीफ की थी। उन्होंने हमारे अस्तित्व को समझा। अफसोस की कानून मंत्री यह नहीं समझते हैं। लिहाजा हम दिल्ली जंतर मंतर पर महापंचायत बुलाने पर भी विचार कर सकते हैं।
कुलदीप ढांडा, बरा खाप प्रधान

कानून मंत्री को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए
खाप पंचायतें सामाजिक काम करती हैं। हमने आगे की रणनीति बनाने के लिए जींद की जाट धर्मशाला में बैठक बुलाई है। देश के प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री खापों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट हैं तो कानून मंत्री को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था।
टेकराम कंडेला, राष्ट्रीय संयोजक खाप पंचायत

‘सरकार तय करे मोदी सही या कानून मंत्री’

हरियाणा में खाप पंचायतों पर केंद्रीय कानून मंत्री द्वारा उठाए गए सवाल के बाद प्रदेश की खाप पंचायतों के साथ-साथ विपक्ष ने भी कानून मंत्री पर निशाना साधा है। खाप पंचायतों ने इस मामले में भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि पहले यह तय किया जाए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खाप के प्रति दृष्टिकोण सही है या कानून मंत्री का बयान सही है।

सर्वजातीय सर्व खाप महापंचायत के प्रधान का कहना है कि कानून मंत्री को खापों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। पीएम मोदी ने जींद पहुंचकर खाप पंचायतों को नमस्कार किया था और कानून मंत्री उन पर उंगली उठा रहे हैं। देश की आजादी के समय से खाप पंचायतें लोकहित के काम करती रही हैं।

उन्होंने कहा कि पारिवारिक रंजिश से लेकर अधिकतर विवादों का निपटारा करने में खापों का महत्वपूर्ण रोल है। भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता भी खाप के माध्यम से फैलाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें दहेज विरोधी हैं। ‘हम बस यह कहते हैं कि एक ही ब्लड ग्रुप में विवाह नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि अभी तो खापें सरकार के साथ हैं, लेकिन यदि सरकार खाप विरोधी मानसिकता पर काम करेगी तो चुप नहीं बैठा जाएगा।
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खट्टर, एक टीवी चैनल से इंटरव्यू में

अगर खापें देखती हैं कि लड़के-लड़कियां सामाजिक नियमों का उल्लंघन कर रही हैं तो वे फैसला करती हैं। खापें उन मामलों में भी तत्काल फैसला कर लेतीं है, जिनके मामले अदालतों में लटके रहते हैं। खाप पंचायतों में समाज के अनुभवी लोग होते हैं और समझबूझ कर निर्णय करते हैं। प्राय: तो खापें अदालतों का काम आसान ही करती हैं।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा बोले, सामाजिक संगठन हैं खाप
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा भी खाप पंचायतों के पक्ष में उतर आए हैं। उनका कहना है कि खापों का संविधान से क्या वास्ता है, यह सामाजिक संगठन हैं। जो समाज के हित के लिए भी काम करते हैं।

खापों ने समाज में मिसाल पेश की है : दुष्यंत
कानून मंत्री यदि कानून की बात करते हैं तो इतिहास पर भी नजर डालें। समाज के निर्माण में खापों का अहम योगदान रहा है। एक -अदद मामले को छोड़ दें तो हरियाणा की खापों ने हमेशा समाज के निर्माण में मिसाल पेश की है।
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