केंद्रीय बजट 2024-25 में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पीजीआई चंडीगढ़ को 2200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह राशि पिछले वर्ष 2023-24 के बजट अनुमान (बजट इस्टीमेट) और संशोधित बजट अनुमान (रिवाइज्ड इस्टीमेट) 276.90 करोड़ रुपये की तुलना में 77 करोड़ रुपये ज्यादा है।
बजट में वेतन के लिए सहायता अनुदान के अंतर्गत 1500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन पिछले वर्ष के 1300 करोड़ रुपये के बजट अनुमान और 1450 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि वेतन के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित करना अत्यधिक कुशल चिकित्सा पेशेवरों, शोधकर्ताओं और सहायक कर्मचारियों को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए आवश्यक है, जिससे स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान में संस्थान की उत्कृष्टता बनी रहे। वहीं बजट में पूंजीगत संपत्तियों के निर्माण के लिए आवंटन 350 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष के बजट अनुमान और बजट अनुमान से थोड़ा अधिक है, जो क्रमशः 343.10 करोड़ रुपये और 343 करोड़ रुपये है। यह आवंटन संस्थान के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने, उन्नत चिकित्सा उपकरण प्राप्त करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा बजट में सहायता अनुदान (सामान्य) के लिए 340 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के 270.00 करोड़ रुपये के बजट अनुमान और 320 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से अधिक है। यह आवंटन संस्थान के परिचालन व्ययों का समर्थन करेगा, जिसमें चिकित्सा आपूर्ति की खरीद, सुविधाओं का रखरखाव और संस्थान के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक अन्य सामान्य व्यय शामिल हैं। जबकि बजट में सहायता अनुदान (एसएपी) बजट शीर्ष के अंतर्गत 10.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान के समान है। इस आवंटन से संस्थान की अनुसंधान पहलों और विशिष्ट शैक्षणिक कार्यक्रमों को समर्थन मिलने।