शहर के प्रमुख चौराहों पर अंडर पास बनाने का काम नए सिरे से शुरू हो रहा है। अगले सप्ताह तक इसके लिए सर्वे शुरू हो जाएगा। मेयर सुभाष चावला के अनुसार दो साल में अंडर पास बना दिए जाएंगे।
अंडर पास बनाने का काम छह साल से अटका था। पहले यह प्रोजेक्ट चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के पास था। केंद्र से ग्रांट भी जारी हो चुकी थी, इसके बावजूद निर्माण की दिशा में कोई काम न होने का मामला अमर उजाला ने पिछले दिनों प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद प्रशासक शिवराज पाटिल ने यह प्रोजेक्ट हाउसिंग बोर्ड से लेकर नगर निगम को सौंपने के निर्देश दिए थे।
मेयर सुभाष चावला ने बताया कि अगले सप्ताह तक निगम के अधिकारी स्पॉट पर जाकर सर्वे करेंगे। वहां मेट्रो रूट के साथ-साथ पाइपलाइन और सीवरेज संबंधित पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सबसे पहले उन चौराहों पर अंडर पास बनेंगे जहां लोगों को ट्रैफिक की सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। नगर निगम का प्रयास है कि यह काम दो सालों में पूरा करवा हो जाए।
विदेशों की तर्ज पर होगा निर्माण
चावला ने कहा कि विदेशों में बने अंडर पासों की तर्ज पर निर्माण कराया जाएगा। विभिन्न प्रकार की लाइटें भी लगाई जाएंगी।
इसके लिए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के विशेषज्ञों से राय भी ली जाएगी। इन अंडर पास का निर्माण अगले 100 सालों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।