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पीयू में आग: UGC के लेटर ने खड़े किए सवाल, यह हादसा या माजरा अलग है?

Thu, 18 May 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Fire breaks out at Panjab University - फोटो : File Photo
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पीयू अग्निकांड में साजिश की आशंका को यूजीसी की एक चिट्ठी ने और हवा दे दी है। यूजीसी ने एमएचआरडी को लेटर लिखा था कि उसे पीयू में कुछ गड़बड़ियों का संदेह है, ऐेसे में किसी स्वतंत्र एजेंसी से तीन साल का ऑडिट कराया जाए। यह लेटर सात अप्रैल को भेजा गया था। जबकि यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में आग 14 मई को लगी है। दूसरी ओर कमेटी अभी जांच में जुटी हुई है। 
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फंड की दिक्कत से जूझ रही पीयू ने यूजीसी को ग्रांट जारी करने केलिए कई बार कहा। यूजीसी ने जब पीयू का आय और व्यय का हिसाब मांगा गया तो पीयू ने पत्राचार से अपना पक्ष रख दिया। पीयू ने जो ब्योरा दिया, उस पर यूजीसी ने सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद यूजीसी ने एमएचआरडी को लिखा कि पीयू का तीन साल का ऑडिट कराया जाए। पीयू ने यूजीसी से पहले कहा कि उनके पास 2609 नॉन टीचिंग स्टाफ है, जिसे अगले पांच साल में 1019 किया जाना है। दूसरी दफा दिए जवाब में कहा कि नॉन टीचिंग स्टाफ 4130 है, जिसे 3111 किया जाना है।

यूजीसी ने कहा कि यह आंकड़ा तय मानक के हिसाब से काफी ज्यादा है। इसकेअलावा पीयू की मौजूदा आय और भविष्य में इसकेस्तर पर भी यूजीसी ने एमएचआरडी को लिखे पत्र में संदेह जताया। वहीं पीयू की तरफ से पंजाब सरकार केसाथ ग्रांट के लिए सीधे संवाद और अन्य मसलों पर भी यूजीसी ने संदेह जताते हुए ऑडिट कराने की बात कही।
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यह हादसा है या माजरा अलग है?

Fire breaks out at Panjab University - फोटो : File Photo
जस्टिस नारंग कमेटी ने किया दौरा, इन पहलुओं पर होगी जांच
अग्निकांड केबाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकार्ट केपूर्व जस्टिस जेएस नारंग की अगुवाई में बनाई गई कमेटी ने बुधवार को पीयू पहुंचकर आग से प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान तय किया गया कि किन पहलुओं पर यह जांच चलेगी। इनमें मुख्य प्वाइंट निमभनलिखित हैं।

- आग लगने का कारण क्या है?
- यह हादसा है या माजरा अलग है?
- कितना रिकॉर्ड नष्ट हो गया है?
- नष्ट हुए रिकॉर्ड में से क्या वापस पाया जा सकता है?
- नष्ट हुए रिकॉर्ड से किसका भला हुआ है?
- अगर भला हुआ है, तो उनकी पहचान की जाए।
- ऐसा प्रपोजल तैयार किया जाए कि इस इमारत या अन्य किसी भी इमारत में ऐसे हादसे न हो सकें।
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