पंजाब के डेराबस्सी में गांव भांखरपुर के पास से गुजरती घग्गर नदी में चंडीगढ़ के गांव फैदां के दो युवकों की नदी में डूबने से मौत हो गई, जबकि तीन बाल-बाल बच गए। हादसा बुधवार को दोपहर उस समय हुआ जब पांच दोस्त नदी में नहाने के लिए घुसे।
इनमें से एक ने जान पर खेलकर दो दोस्तों की जान बचाई। सूचना पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, परंतु कोई प्रबंध न होने पर रोपड़ से गोताखोर बुलाए गए। तब उन्होंने शवों को बाहर निकाला। यह सभी लोग हवन सामग्री को नदी में प्रवाहित करने गए थे।
मौके से मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ सेक्टर-48 की मोटर मार्केट के निकट स्थित गांव फैदां से पांच दोस्त सुखदेव सिंह (19) पुत्र प्यारेलाल, सोनू (19) पुत्र ओमपाल, दिलबार सिंह (26) पुत्र बलदेव सिंह, अभिषेक (22) पुत्र ओमपाल एवं अजय (18) मंगलवार रात दिलबार के घर हुए जागरण की हवन सामग्री को घग्गर नदी में बहाने के लिए बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे चले थे।
नहाते-नहाते गहराई में उतर गए
नदी किनारे स्थित मारकंडा मंदिर के निकट पानी में सामग्री प्रवाहित की। करीब पौने चार बजे पांचों मंदिर के सामने नदी में नहाने घुस गए। नहाते-नहाते गहराई में उतर गए। दिलबार एवं सुखदेव को थोड़ा बहुत तैरना आता था।
वह तो बचकर पानी से बाहर निकल आए। अन्य को तैरना नहीं आता था। पानी गहरा होने से अभिषेक, अजय तथा सोनू डूबने लगे। इसी बीच दिलबार एवं सुखदेव ने उनको बचाने की कोशिश की। दिलबार किसी तरह अजय को सही सलामत बचा लाया, जबकि सुखदेव सोनू को बचाने में नाकाम रहा और वह दोनों डूब गए।
अभिषेक पानी के बहाव में बह गया। दिलबार अजय को किनारे पर छोड़कर पानी में बहे अभिषेक को बचाने के लिए नदी किनारे रास्ते पर भागा। उसने झाड़ियों के साथ लटक कर अभिषेक को अपनी जान पर खेल कर पानी से बाहर खींच लिया।
गोताखोरों ने देर शाम शव नदी से निकाले
सोनू चंडीगढ़ में 11वीं कक्षा में पढ़ता था। घटना के बारे में लोगों ने प्रशासन तत्काल सूचना दे दी। लेकिन कोई प्रबंध न होने पर रोपड़ से गोताखोर बुलाने पड़े। जो करीब साढ़े तीन घंटे बाद शाम साढ़े सात बजे मौके पर पहुंचे। थोड़ी देर में उन्होंने दोनों के शवों को बाहर निकाल लिया। बाहर निकलने के बाद तीनों दोस्त सहमे हुए थे।
वहां एकत्रित लोग दिलबार की बहादुरी की तारीफ कर रहे थे। सूचना पर मृतकों के गांव से परिजन एवं अन्य लोग मौके पर पहुंचे। जो अपने बच्चों के शवों के बाहर निकलने तक नदी किनारे बैठे विलाप करते रहे। एसडीएम संजीव कुमार, एसपी डेराबस्सी अनिल शर्मा, ईओ राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौके पर खड़े गोताखोरों के आने का इंतजार करते देखे गए।
घटनास्थल के लिए निकली फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचने से पहले ही धंस गई। जो ऐसी जगह धंसी जिसने मौके पर पहुंचने क लिए अन्य गाड़ियों का रास्ता रोक लिया।
पहले हादसों से नहीं लिया सबक
घग्गर नदी में लोगों के डूबने का यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी यहां पर हुए हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया और मौके पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया।
इस कारण लगातार हादसे घटित हो रहे हैं। जिस जगह युवक नहा रहे थे, वहां बाहर से गहराई का अंदाजा नहीं होता। क्योंकि रात के अंधेरे में यहां पर माइनिंग की जाती है, जो ज्यादा खुदाई कर देते हैं। जहां डूबने से ही युवकों की मौत हुई है।