गुरदासपुर के रेलवे रोड पर स्थित निजी अस्पताल में उपचार के दौरान एक दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। पारिवारिक सदस्यों ने बच्चे की मौत का कारण अस्पताल की लापरवाही को बताया है, हालांकि इस संबंध में मामले की जांच चल रही है। थाना सिटी की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई आरंभ कर दी है।
पारिवारिक सदस्य दादी पलविंदर कौर व ताया सुखदेव सिंह ने बताया कि करीब छह दिन पहले सीने में इंफेक्शन की शिकायत पर बच्चे पवनजोत को अस्पताल में दाखिल करवाया था। बच्चा लगभग ठीक हो चुका था और वह डॉक्टर से छुट्टी की मांग कर रहे थे लेकिन डॉक्टर ने उन्हें एक और दिन रुकने को कहा।
डॉक्टर के कहने पर एक दिन रोक दिया। सोमवार को दोपहर के समय उनके बच्चे ने खाना खाया और खेल रहा था। मगर बच्चे को लगी ड्रिप में जब एक नर्स ने इंजेक्शन लगाया तो इंजेक्शन अभी आधा ही लगा था कि उनके बच्चे की हालत बिगड़ गई और कुछ ही मिनट के बाद मौत हो गई। इसके बाद नर्स बाहर भाग गई। उन्होंने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने और डॉक्टर पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उधर, अस्पताल के मालिक डॉक्टर अमित अग्रवाल ने बताया कि बच्चे के सीने में इन्फेक्शन के चलते उसे अस्पताल में दाखिल करवाया था। टेस्ट करने के बाद बच्चे को निमोनिया भी पाया गया था। उपचार के बाद बच्चा ठीक होने लगा था। इसलिए उसे आईसीयू में से वार्ड में शिफ्ट कर दिया था लेकिन अचानक सोमवार को उसकी सांसें रुकनी शुरू हो गईं और उसका हार्ट फेल हो गया।
उन्होंने परिवार के आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह मौके पर बच्चे को देखने के लिए पहुंचे थे और बच्चे को बचाने का प्रयास भी किया। उन्होंने नर्स की ओर से गलत इंजेक्शन लगाए जाने के आरोपों को नकार दिया। थाना सिटी के एसएचओ गुरमीत सिंह ने बताया कि बच्चे के शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भेज दिया गया है। सदस्यो की शिकायत व पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।