यहां काम करने वाले करीब 80 मजदूर निर्माणाधीन गोदाम के पास अस्थाई तौर पर ईंट के बने कच्चे मकानों में रहते हैं। यह मजदूर राजस्थान व पटियाला के हैं। शेड गिरने की सूचना के बाद नगर परिषद जीरकपुर के ईओ गिरीश वर्मा, डीएसपी नवनीत माहल, एसएचओ जीरकपुर ओंकार सिंह बराड़, नोडल आफिसर ऋषभ गर्ग मौके पर पहुंचे। वहीं एंबुलेंस में डॉक्टरों की टीम और दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची।
लोहे की जगह सीमेंट की चादरें डालने के कारण हुआ हादसा
गुरजीत कोहली ने गोदाम बनाने का ठेका दो लोगों को दिया है। हालांकि ठेकेदार बलविंदर सिंह ने बताया कि उसका काम दिहाड़ी पर रखे मजदूरों पर नजर रखना है जबकि असल ठेका नरवाना (हरियाणा) के रहने वाले प्रेम के पास है, जो अपने गांव गया है। बलविंदर सिंह ने बताया कि पहले उन्होंने शेड बनाने के लिए लोहे की चादर डाली थी लेकिन बाद में गुरजीत सिंह कोहली के कहने पर सीमेंट की चादर डाल दी गई। इसी कारण लोहे के एंगल (कैंची) पर दवाब ज्यादा हो गया और लोहे के एंगल वजन सहन नहीं कर सके और शेड गिर पड़ा।
बलविंदर ने बताया कि हम शेड के ऊपर काम कर रहे थे इसलिए उनकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शी कुलबीर सिंह ने बताया कि 11 बजे सभी मजदूरों के लिए चाय आई। कुछ समय के लिए काम बंद था। सवा 11 बजे के करीब चाय पीकर कुलबीर, बिंदर व अन्य मजदूर शेड पर चादर डालने ऊपर चढ़े।
काम करते अचानक शेड एंगल समेत नीचे बैठ गया। कुलबीर व बिंदर बोले हम ऊपर थे इसलिए हमारी जान बच गई। जबकि शेड के नीचे काम कर रहीं राधा के सिर में लोहे के एंगल लगे और अब्बू के पेट मे सीमेंट की चादरें घुस गईं। अफरा-तफरी के माहौल में मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई और मलबे के नीचे दबी राधा, अब्बू, जनक को बाहर निकालकर जीएमसीएच-32 पहुंचाया। जहां दोनों महिलाओं की मौत हो गई।
मेरा मेरे भाई के बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे नहीं पता कि क्या बना रहा और कहां बना रहा है। अजीत पाल कोहली, आप विधायक, पटियाला
मैं इस समय एक बहुत जरूरी मीटिंग में हूं, फ्री होकर बात करूंगा। अभी आप इंतजार करो। गुरजीत सिंह कोहली, वेयरहाउस मालिक।
हादसे में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। अभी तक उनके पास कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई। हो सकता है कि मृतकों के परिजन अस्पताल में व्यस्त हों, जैसे ही उन्हें शिकायत मिलेगी मामला दर्ज किया दिया जाएगा। ओंकार सिंह बराड़, एसएचओ जीरकपुर