बुडैल से लापता दो बहनों का एक सप्ताह बाद भी पुलिस कुछ पता नहीं लगा पाई है। इससे गुस्साए लोगों ने उनके परिजनों के साथ शनिवार देर शाम बडैल चौकी का घेराव किया।
लोग देर रात तक नारेबाजी करते हुए चौकी के बाहर ही धरने पर बैठ गए। डीसीपी साउथ ने उन्हें 24 घंटे में उनका पता लगाने का आश्वासन दिया है।
मामले के अनुसार नौ फरवरी को बुडैल निवासी एक व्यक्ति ने उनकी दो बेटियों के अपहरण का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उन्होंने स्थानीय युवक पुनीत पर उनके अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। सप्ताह भर बाद भी पुलिस के उनका पता न लगा पाने पर लोग गुस्सा उठाए।
शनिवार शाम लोग दोनों बहनों के परिजनों के साथ चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में वहीं धरने पर बैठ गए।
उनका आरोप था कि आरोपी के परिजनों को उसका पता है, लेकिन पुलिस उनसे पूछताछ नहीं कर रही है।
चौकी में हंगामे की सूचना मिलने पर डीसीपी साउथ और सेक्टर-34 थाना प्रभारी वहां पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।
इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से बहस भी हुई। देर रात तक वहां तनातनी का माहौल बना रहा। इस पर डीसीपी ने उन्हें 24 घंटे में पता लगाने का आश्वासन दिया।
शिकायतकर्ता की ही कार ले गए, क्षतिग्रस्त कर लौटे
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पिछले कई दिनों से बुडैल चौकी के चक्कर लगा रहे हैं। कभी पुलिस कहती है कि आरोपी पटियाला में है तो कभी अंबाला का हवाला देती है।
उन्होंने बताया कि 11 फरवरी को एक टीम पटियाला आरोपी की तलाश में गई। पुलिस ने उनसे ही कार मांग ली। इस पर उन्होंने उन्हें कार दे दी। पुलिस टीम जब मोहाली के फेज-11 में पहुंची तो एक बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी।
तब से उनकी कार बुडैल चौकी में ही खड़ी है। लापता बहनों के दादा ने बताया कि दो दिन पहले पुलिस अंबाला गई थी, तब भी बस का खर्चा उन्होंने ही पुलिस को दिया था।
लापता छात्रा का नहीं चला पता
नौ फरवरी को सेक्टर-36 के एक कालेज की छात्रा भी लापता हो गई थी। चाचा की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। संगरूर निवासी इस आरोपी का नाम भी पुनीत है। पुलिस इस मामले में अब तक खाली हाथ है।