लड़की के पिता के मुताबिक दामाद 20 दिन की छुट्टी लेकर आया था और बुधवार को वह गांव रणबीरपुरा आया हुआ था। रात करीब 9 बजे अपनी गाड़ी पंचर होने का बहाना बनाकर वह उसे घर पर ही खड़ा कर गया और उनकी स्कूटी पर सुरजीत कौर को बिठाकर घुमाने ले गया। दोनों के फोन और गाड़ी की चाबी घर पर ही रख गया।
दोनों के जाने के कुछ समय बाद ही फोन आ गया कि उनकी बेटी नहर में गिर गई है। जब वह लोग नहर पर पहुंचे तो देखा कि हरबजीत सिंह बाहर बैठा था। उसने बताया कि उसकी आंखों में अचानक किसी वाहन की तेज लाइटें पड़ने से उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह दोनों स्कूटी समेत नहर में गिर गए थे। वहां से गुजर रहे लोगों ने पगड़ी गिराकर उसे तो नहर से बाहर निकाल लिया, जबकि सुरजीत कौर पानी के बहाव में आगे निकल गई।
परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि दामाद ने उनकी लड़की को जानबूझ कर नहर में फेंका है। वह दूसरी शादी करना चाहता है और उनकी लड़की से छुटकारा पाने को उसने यह सब किया है। परिजनों के इस बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी फौजी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है।