शीला देवी भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। उनकी माता ने कीर्ति और उनके छोटे भाई आशीष गहलावत को भी योग सिखाया है। आशीष भी कतर की इंडियन एंबेसी में कार्यरत हैं। जबकि पिता राजबीर गहलावत नेवी से सेवानिवृत्त होकर हरियाणा पुलिस में हवलदार के पद पर चंडीगढ़ में कार्यरत हैं।
पांचवीं कक्षा में जीता था पहला पदक
कीर्ति गहलावत ने पांचवीं कक्षा में चंडीगढ़ में पहला स्वर्ण पदक जीता था। छठी कक्षा में दूसरा और सातवीं कक्षा में हासिल किया। इसके बाद पुर्तगाल में आयोजित योग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके बाद दिल्ली में आयोजित एशियन गेम में भी सिल्वर मेडल प्राप्त कर चुकी हैं। कीर्ति का परिवार काफी समय से चंडीगढ़ में रहता है।
गांव की बेटी ने देश का मान बढ़ाया है। उसके स्वदेश लौटने पर उसे ग्राम पंचायत की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। आज के समय में बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। - उदय सिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत खानपुर खुर्द।