तरनतारन के कस्बा पट्टी के मुठिया वाला में बैसाखी वाले दिन गुरुद्वारा में माथा टेक सतलुज नदी में डुबकी लगाने गए चाचा और भतीजा डूब गए। चाचा की पहचान 25 वर्षीय मंदीप सिंह और भतीजा की पहचान 19 वर्षीय साजन के तौर पर हुई है। घटना दोपहर बाद की बताई जा रही है। गुरुद्वारा श्री गुप्तसर साहिब में दोनों माथा टेकने आए थे। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एक टीम ने इन्हें बचाने का काफी समय तक प्रयास किया लेकिन दोनों का कुछ भी पता नहीं लग सका। पानी का बहाव तेज है।
गुरुवार को देश-विदेश में बैसाखी का पर्व मनाया जा रहा था। जिला तरनतारन के गांव मुठिया वाला में गुरुद्वारा श्री गुप्तसर साहिब में दूर-दूर से संगत माथा टेकने पहुंची। पास में ही सतलुज नदी है। इस नदी में डुबकी लगाना आस्था से जुड़ा है। तरनतारन के रहने वाले संदीप सिंह और उसका भतीजा साजन ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका। इसके बाद दोनों सतलुज नदी में डुबकी लगाने पहुंचे।
पानी का बहाव तेज होने की वजह से दोनों डूब गए। अन्य संगत ने जब डूबते देखा तो पास में स्थित बीएसएफ से मदद की गुहार लगाई। सीमा सुरक्षा बल की बचाव टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने नदी में छलांग लगाई। लगभग दो घंटा तक राहत कार्य जारी रखा लेकिन दोनों नहीं मिले। प्रशासन दोनों की तलाश में जुटा है। उधर, परिवार में कोहराम मचा है।