मल्टी ड्रग रजिस्टांस (एमडीआर) टीबी की जांच रिपोर्ट अब 48 घंटे में मरीज को मिल जाएगी। पहले इसी रिपोर्ट के लिए 3 से 4 महीनों का इंतजार करना पड़ता था।
पीजीआई में बुधवार से दो नई लैब शुरू हो गई। इन अत्याधुनिक लैब्स का उद्घाटन पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. योगेश चावला ने किया।
ये दोनों लैब रिवाइज्ड नेशनल टीबी कंट्रोल प्रोग्राम (आरएनटीसीपी) के सहयोग से यहां शुरू की गई है। टीबी का इलाज करवा रहे कुछ मरीज अपना कोर्स बीच में ही छोड़ देते हैं।
टीबी की दवाओं को बीच में ही छोड़ देने से उन मरीजों में एमडीआर टीबी की समस्या पैदा हो जाती है। ऐसे मरीजों का इलाज फिर और जटिल हो जाता है।
इन मरीजों की जांच के लिए जो टेस्ट किया जाता है, उसका रिपोर्ट आने में पहले 3 से 4 महीनों का समय लग जाता था, लेकिन अब पीजीआई में शुरू हुई नई लैबोरेट्रीज में इनकी रिपोर्ट 2 दिन में ही आ जाएगी।
इससे मरीज का इलाज भी समय पर शुरू हो जाएगा। इस लैब में चंडीगढ़ समेत पंजाब के 7 और हरियाणा के 5 जिलों के मरीजों को लाभ मिलेगा।
पीजीआई के डॉ. सुनील सेठी के मुताबिक, समय पर इलाज शुरू होने से एमडीआर टीबी पर जल्दी काबू पाया जा सकता है। इस टेस्ट की कीमत 1200 रुपये है, लेकिन आरएनटीसीपी प्रोग्राम के तहत मरीजों को यह सुविधा निशुल्क दी जा रही है।