चंडीगढ़। यूटी गेस्ट हाउस में वीरवार दोपहर करीब दो घंटे तक उस समय हंगामा चलता रहा, जब पंजाब कॉपरेटिव सोसायटी के इंस्पेक्टर एवं पूर्व डीजीपी के बेटे केडी पांडे ने कथित तौर पर खुद को पीसीएस अधिकारी बताते हुए रौब झाड़ना शुरू कर दिया। बातचीत के दौरान उनके साथ मौजूद गनमैन और इनोवा गाड़ी देखकर वहां बैठे लोगों को संदेह हुआ। जब उनसे पीसीएस अधिकारी के बैच के बारे में पूछा गया तो मामला उलझ गया।
लोगों ने पांडे से कहा कि वह बताए गए बैच के अधिकारी नहीं हैं और फिर पीसीएस अधिकारी बनकर घूमने पर सवाल उठाया। इस पर पांडे ने कथित तौर पर कहा कि अगर वह पीसीएस अधिकारी नहीं हैं तो पंजाब पुलिस ने उन्हें गनमैन क्यों दिया है। इसके बाद उन्होंने अपने गनमैन को फोन कर उसकी लोकेशन और गाड़ी के बारे में पूछा। इसके बाद पांडे गेस्ट हाउस से बाहर निकलने लगे। वहां मौजूद लोग भी उनके पीछे गए और इनोवा के पास उन्हें रोक लिया। बहस बढ़ने पर पांडे ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। उन्होंने सामने वाले लोगों पर किडनैपिंग का आरोप लगाया तो मौके पर पुलिस बुला ली गई।
आईकार्ड ने खोल दी पूरी पोल
पुलिस ने पांडे से पहचान पत्र दिखाने को कहा तो सामने आया कि वह पीसीएस अधिकारी का आईकार्ड नहीं, बल्कि पंजाब कॉपरेटिव सोसायटी का पहचान पत्र था। पुलिस की जांच में पता चला कि के.डी. पांडे सोसायटी में इंस्पेक्टर हैं और उनके पास असिस्टेंट रजिस्ट्रार, कॉपरेटिव सोसायटी का कार्यभार है। पुलिस ने इनोवा पर लगी लालबत्ती की अनुमति भी मांगी, लेकिन वह नहीं दिखाई जा सकी। इसके बाद लालबत्ती उतारकर कब्जे में ले ली गई और गाड़ी पर लगा स्टीकर भी हटा दिया गया। पुलिस ने इनोवा चालक का 1500 रुपये का चालान काटा। मामले में पुलिस चौकी में डीडीआर भी दर्ज की गई।
पिता के गनमैन को लेकर घूम रहे थे
पूछताछ में पांडे ने बताया कि उनके पिता डीजीपी हैं। साथ मौजूद गनमैन से पुलिस ने पूछा कि वह किसका गनमैन है। उसने बताया कि वह पांडे के पिता का गनमैन है। इसके बाद पुलिस ने वाहन चालक का चालान किया।