अभिभावक चिंतित, केंद्र सरकार से लगाई गुहार
यूक्रेन में फंसे छात्रों के चिंतित अभिभावकों ने बच्चों को वापस लाने की केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। फरीदकोट के गांव मेहमुआना की खुशविंदर कौर और कोटकपूरा का भास्कर कटारिया भारत नहीं लौट पा रहे हैं। खुशविंदर सिंह के पिता सरबजीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। उसके कोर्स का एक साल बाकी है। हालांकि उन्होंने बेटी की वापसी की टिकट का प्रबंध कर दिया था और उसे 24 फरवरी को आना था लेकिन अचानक हालात बिगड़ने से उड़ान बंद हो गईं। कोटकपूरा के डॉ. दंपती शैलेश कटारिया व अनु कटारिया का कहना है कि उनके बेटे भास्कर की सिर्फ तीन महीने की एमबीबीएस की पढ़ाई बची है।
यूक्रेन में फंसे हैं 20 हजार भारतीय: पंधेर
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि यूक्रेन में करीब 20 हजार भारतीय नागरिक फंसे हैं। इन्हें वहां से सुरक्षित निकाला जाए। पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार यूपी विधानसभा चुनाव में व्यस्त है, जबकि यूक्रेन में फंसे नागरिकों की जिंदगी खतरे में हैं। कई बच्चे यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए हैं, वहां वे बेसमेंट और बंकरों में रात गुजार रहे हैं। रूस और यूक्रेन के युद्ध से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ेगी।