मानसा के गांव रामनगर भट्ठल में कर्ज से परेशान एक किसान ने फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कर उसे परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई मलकीत सिंह ने बताया कि उनका भाई 40 वर्षीय हरजिंदर सिंह किसान था। परिवार का खर्च चलाने के लिए वह ड्राइवर के तौर पर भी काम करता था। उसके सिर पर करीब दो लाख का कर्ज था।
कर्ज भर पाने में नाकाम होने की वजह से वह पिछले कई दिनों से परेशान चल रहा था। इसी परेशानी के चलते उसने देर रात पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही उनके ताया के लड़के धर्म सिंह ने भी जहरीला पदार्थ निगलकर खुदकुशी कर ली गई थी।
दूसरा मामला मुक्तसर केे गिद्दड़बाहा का है, जहां के गांव कुराईवाला के कर्ज से आहत एक किसान ने अपने गांव के पास से ही गुजरती राजस्थान नहर में छलांग लगा दी। परिजनों और गांव वासियों के सहयोग से नहर में किसान की तलाश की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के अनुसार गांव कुराईवाला निवासी किसान करमदीप सिंह (34) पुत्र कौर सिंह ने बैंक और आढ़ती के कर्ज से परेशान होकर राजस्थान नहर में छलांग लगा दी। करमदीप के पिता कौर सिंह ने बताया कि उनके पास ढाई एकड़ जमीन है। इसके अलावा वह लोग खेती के लिए कुछ जमीन ठेके पर भी लेते हैं। उसके अनुसार उसके बेटे करमदीप के सिर पर बैंक के दो लाख रुपये कर्ज के अतिरिक्त आढ़ती का भी करीब चार लाख रुपये का कर्ज है। कर्ज उतारने के लिए उसके बेटे ने डेयरी फार्मिंग का धंधा भी शुरू किया था, लेकिन वह भी उसके लिए घाटे का सौदा ही रहा।
शुक्रवार की शाम को करमदीप सिंह घर से खेत में जाने की बात कहकर निकला। रात के समय उसने फोन करके परिजनों को बताया कि वह नहर में कूद रहा है। उसका फोन सुनकर उनके पांव तले से जमीन खिसक गई। आनन-फानन में वह लोग नहर पर पहुंचे तो उनके देखते ही देखते करमदीप नहर में कूद चुका था। घटना के बाद से ही परिजनों ने गांव वासियों के सहयोग से उसकी तलाश शुरू कर दी। शनिवार की देर शाम तक उसका पता नहीं चल पाया।