उन्होंने बांध परियोजना के मुख्य अभियंता को यहां से बदलने की मांग की। दयाल सिंह ने शासन एवं प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनके बुजुर्गों को कुछ भी हुआ तो वह प्रशासन की ईंट से ईंट बजा देंगे। वे बड़ा संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी बांध प्रशासन एवं पंजाब सरकार की होगी।
वहीं, हलका सुजानपुर विधायक व कांग्रेस जिला प्रधान नरेश पुरी ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में पहले भी इस मुद्दे को बड़ी गंभीरता के साथ उठाया गया था और वह दोबारा इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर बांध परियोजना के निर्माण के समय औसती परिवारों की जमीनों को सरकार की ओर से अधिग्रहित किया गया है तो सरकार को उसके बदले में इन्हें इनके बनते हक जरूर देना चाहिए।
वहीं, बुजुर्गों को मनाने के लिए पहुंचे तहसीलदार लक्ष्मण सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में रोष जताने का सभी को अधिकार है लेकिन यह तरीका गलत है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को नौकरी देने संबंधी कार्रवाई सरकार के स्तर पर चल रही है। फर्जी भर्ती वाले मामले की जांच सचिव स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। उसका फैसला भी जल्द आएगा। बुजुर्गों को समझाने का प्रयास किया गया था लेकिन वह नीचे नहीं उतरे हैं।