चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर दफ्तर के बाहर अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन की ओर से पीएचडी आरक्षण को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। बारिश में भी छात्र धरने पर बैठने को मजबूर हैं। पीयू प्रशासन को सभी विभागों ने पीएचडी की सीटों और आरक्षित सीटों का डाटा भेज दिया है, लेकिन पीयू ने अब तक फैसले को लेकर छात्रों को लिखित में नहीं दिया है, इसलिए छात्र धरने पर बैठे हैं। वहीं, पीएचडी दाखिले के लिए आवेदन करने के लिए भी सिर्फ दो दिन बचे हैं, 25 अगस्त को आखिरी दिन है। इसलिए छात्रों की मांग है कि तारीख को भी आगे बढ़ाया जाए।पीयू में वीसी दफ्तर के बाहर चल रहे पीएचडी में सीटों के आरक्षण को लेकर धरने को बुधवार सुबह चंडीगढ़ पुलिस ने हटाने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों की ओर से पीयू सिक्योरिटी और डीएसडब्ल्यू को बुलाया गया। मौके पर डीएसडब्ल्यू ने पुलिस को आश्वासन दिया कि छात्रों की पीयू प्रशासन के साथ बातचीत चल रही है। इसे वीरवार तक हल करवा लिया जाएगा। पुलिस का कहना था कि छात्रसंघ चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था को चलते धरना उठवाने के निर्देश हैं। पीयू प्रशासन की ओर से पीएचडी में सभी कैटेगरी को आरक्षण देने के मसले में प्रो. रतनलाल को लीगल एक्सपर्ट के तौर पर रखा है। वहीं, कमेटी में डीसएडब्ल्यू और एससी-एसटी सेल के को-ऑर्डिनेटर को भी शामिल किया है।
जानकारी के अनुसार छात्रों को वीरवार तक लिखित में पीएचडी आरक्षण का पत्र दे दिया जाएगा। वहीं, छात्रों की मांग है कि एक दिन में छात्र पीएचडी के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे, इसलिए तारीख को बढ़ाया जाना चाहिए।