अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में सुनवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को 12-12 साल कैद व दो-दो लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोषी ओडिशा से मादक पदार्थ लेकर आए थे। उन्हें 60.6 किलो गांजा के साथ पकड़ा गया था।
स्पेशल स्टाफ सेक्टर-3 में नियुक्त तत्कालीन एएसआई आजाद सिंह ने कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि वह 9 अप्रैल, 2019 को अपनी टीम के साथ नेशनल हाईवे-44 पर अंसल प्लाजा के सामने गश्त कर रहे थे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली थी कि युवक स्विफ्ट गाड़ी में गांजा लेकर यहां से आने वाले है। जिस पर टीम ने तुरंत नाकाबंदी कर दी थी। जब कार हाईवे से गुजरने लगी थी तो टीम ने उन्हें रुकवा लिया था।
कार सवार युवकों ने अपनी पहचान दिल्ली के नाथूपुर स्थित सुशांत विहार निवासी नरेंद्र व मुरथल के शांति नगर निवासी महावीर उर्फ सोनू के रूप में दी थी। बाद में उनकी कार की तलाशी ली गई तो कार के अंदर से 60 किलो 690 ग्राम गांजा मिला था। पुलिस ने आरोपियों को काबू कर कुंडली थाना पुलिस को सौंप दिया था।
कुंडली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मादक द्रव्य निरोधक अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपियों के पास से बरामद गांजा की कीमत करीब सात लाख रुपये थी। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वह दिल्ली निवासी युवक के लिए काम करते हैं। वह गांजा को ओडिशा से लेकर आए थे। यहां लाकर स्वरूप नगर दिल्ली में सप्लाई देनी थी। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे अजय पराशर की अदालत ने दोनों दोषियों को दोषी करार दिया था। सोमवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने दोनों दोषियों को 20 एनडीपीएस एक्ट में 12 साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माना था 27 एनडीपीएस एक्ट में भी 12 साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन-तीन साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।