शव सम्मान विधेयक पर आपत्ति, सरकार ने वापस लिया
सरकार ने सदन में हरियाणा शव सम्मानजनक निपटान विधेयक रखा। कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध जताया, जिसकी वजह से सरकार ने इसे वापस ले लिया है। अब इसे संशोधित करके पास पेश किया जाएगा। विधेयक में अपील का कोई प्रावधान नहीं होने पर विपक्ष के विधायकों ने नाराजगी जताई। कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने कहा कि पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार सम्मान के साथ होना चाहिए लेकिन पीड़ित पक्ष की कोई सुनवाई नहीं करेगा तो वह क्या करेगा। विधेयक में ऐसे मामलों की सुनवाई भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
बीबी बतरा ने कहा कि लोग मजबूरी में शव को लेकर प्रदर्शन करते हैं। इसमें अपील-दलील की कोई व्यवस्था नहीं होने से उसका अधिकार ही छिन जाएगा। विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस तरह का विधेयक पारित हो चुका है। अब हरियाणा में कांग्रेस को यह कानून बनाने से दिक्कत क्यों है। सीएम ने कहा कि शव को सड़कों पर रखकर शासन-प्रशासन पर दबाना बनाना और अपनी मांगों को मनवाना सही नहीं है। विज ने कहा इसको संशोधित करके पेश करेंगे।