फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: अधिकारियों और नेताओं के घर ड्यूटी कर रहे ढाई हजार सफाई कर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
नगरपालिका संघ ने लगाया सफाई व्यवस्था में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप
विज्ञापन

हरियाणा में बंद पड़े कूड़ा निस्तारण प्लांट, जांच की मांग
चंडीगढ़। हरियाणा में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के घरों पर 2500 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की ड्यूटी शहरों में सफाई के लिए होती है, उनसे घरों में काम लिया जा रहा है। इनमें 1255 नियमित और अनियमित कर्मचारी तो नगर पालिका के हैं। इनके अलावा, प्रदेश भर में ठेकेदारों की ओर से अधिकारियों और नेताओं के घरों पर कर्मचारी उपलब्ध करवा रखे हैं, जिनका पालिकाओं, परिषदों व नगर निगमों में रजिस्ट्रेशन ही नहीं है, केवल उनका वेतन ठेकेदारों की ओर से दिया जाता है। यह आरोप नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने लगाया। प्रदेश में सफाई कर्मचारियों पर केवल गली-मोहल्लों, सड़क पर झाड़ू लगाकर कूड़ा इकट्ठा करना, दो फुट से कम नालियों की सफाई करना और उस कूड़े को प्राइवेट कंपनियों की ओर से निर्धारित स्थान पर पहुंचाने की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन

शास्त्री ने कहा कि प्रदेश में फैली गंदगी सफाई एजेंसियों की विफलता है। इसके लिए सफाई कर्मचारी जिम्मेदार नहीं। क्योंकि न तो सफाई कर्मियों को उपकरण व सुविधाएं दी जा रही हैं और न ही प्रदेश में एक भी ठोस कचरा निस्तारण प्लांट पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर रहा है। ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से कागजों में प्लांट चल रहे हैं। शास्त्री ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। संघ के राज्य महासचिव मांगेराम तिगरा ने कहा कि आए दिन सफाई कर्मचारियों की सीवर में मौतें हो रही है व सफाई अभियान के नाम पर सफाई कर्मचारियों का साप्ताहिक अवकाश, छुट्टियां बंद कर उनका आर्थिक, शारीरिक, मानसिक शोषण किया जा रहा है। गुरुग्राम में अधिकारियों ने सरकार के पत्रों के अनुसार सफाई कर्मचारियों का वर्क आउटसोर्स कर 3480 कर्मचारियों को नौकरियों से बाहर कर दिया, जो कर्मचारी पिछले 73 दिन से आंदोलन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें