नवजोत सिद्धू और अरविंद केजरीवाल।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब विधानसभा चुनाव में बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के बीच जमकर शब्द बाण चल रहे हैं। इसकी शुरुआत तब हुई जब केजरीवाल ने रेत खनन मामले में सिद्धू की चुप्पी पर सवाल उठाए। दरअसल सिद्धू ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट किया था जिसमें आप के वादों पर सवाल उठाया था।
उन्होंने लिखा कि अरविंद केजरीवाल जी पंजाबी जानना चाहते हैं कि आप उन मुफ्त उपहारों के लिए फंड कहां से लाएंगे जिनकी आप प्रतिदिन घोषणा करते हैं। अगर आप वादों के लिए बुनियादी आर्थिक समर्थन नहीं दे सकते हैं तो लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करें। पंजाबी भीख के नहीं बल्कि आय के लायक हैं। पंजाब मॉडल सभी पंजाबियों के लिए आय और अवसर प्रदान करने के लिए मॉडल है। इसके जवाब में केजरीवाल ने लिखा कि अखबार/टीवी वालों ने आपके सीएम के क्षेत्र में रेत चोरी पकड़ी है। उनका कहना है सीएम के रेत माफिया से सम्बंध हैं। सीएम कोई एक्शन नहीं ले रहे। बादल जी और कैप्टन साहिब दोनों इस पर चुप हैं। आप भी चुप हैं। क्यों? सीएम से लेकर नीचे तक रेत चोरी हो रहा है। इसे रोकेंगे तो 20 हजार करोड़ रुपये आ जाएंगे।
राजनीतिक पर्यटक नहीं जान सकता पंजाब की जमीनी हकीकत
इसके बाद सिद्धू ने लिखा कि पंजाब मॉडल व्यापक शोध पर बना है, आपके जैसे खोखले वादों और अनुमानों पर नहीं। रेत खनन में 20 हजार करोड़ नहीं, 2 हजार करोड़ की क्षमता है। जबकि शराब में 30 हजार करोड़ की संभावना है, जिसका आपने दिल्ली में निजीकरण किया। सिद्धू ने आगे लिखा कि केवल चुनाव में आने वाला राजनीतिक पर्यटक पंजाब की जमीनी हकीकत को कभी नहीं जान पाएगा। 5 साल में जब आप दूर थे, मैंने रेत खनन नीति बनाई, खनन माफिया के खिलाफ इसे लागू करने के लिए संघर्ष किया और लोगों के मुद्दों को उठाया। जब आप झुके और ड्रग माफिया से माफी मांगी।